गुरदासपुर: अमेरिका से वापस भेजे गए पंजाबियों में शामिल गुरदासपुर के कस्बा फतेहगढ़ चूड़ियां निवासी जसपाल सिंह कल देर रात अपने घर पहुंचा। वहीं, पंजाब केसरी से बातचीत में उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनका अमेरिका जाने का सपना टूट गया है और उन्हें 40 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। जसपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने 40 लाख रुपए का लोन लेकर एजेंटों को दिया था, लेकिन उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है।
जसपाल ने सुनाई पूरी घटना
पीड़ित ने बताया था कि एजेंट के साथ एग्रीमेंट फ्लाइट से वीजा दिलाने का था, लेकिन उन्होंने वीजा यूरोप से ब्राजील फ्लाइट से भेज दिया। इसके बाद वे पैदल या वाहनों से आगे पहुंचे। जसपाल ने बताया कि वह जुलाई 2024 में यूरोप गया था तब से उसने करीब 6 महीने अलग-अलग देशों में बिताए हैं और पनामा के जंगलों में भी समय बिताया है। जसपाल ने कहा कि यह मेरे जीवन का सबसे खतरनाक अनुभव था, क्योंकि डंकी का इस्तेमाल करने वालों का हश्र फिल्मों में दिखने वाले हश्र से भी बुरा होता है। उन्होंने कहा कि मैं डंकी लगाकर जिंदा लौट आया, लेकिन मैंने वहां कई शव लुढ़कते देखे और कंकाल भी देखे। जसपाल ने बताया कि उन्हें खाने के लिए सिर्फ थोड़ी सी रोटी और एक-दो बिस्कुट दिए गए।उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी पुलिस ने मुझे पकड़ा तो उन्होंने मुझे अलग तरह से प्रताड़ित भी किया।
जसपाल ने आगे बताया कि जब वे अमेरिका की सीमा पार करके आए तो सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और अपने कैंप में रखा। 11 दिन तक रखने के बाद जब उन्हें और बाकी लोगों को अमेरिका से विमान में बिठाया गया तो उनके हाथ-पैरों में बेड़ियां डाल दी गईं। उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। कल यानी 5 तारीख को जब वे अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे तो बेड़ियां खोल दी गईं।
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