हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में पैराग्लाइडिंग के हादसे लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में बढ़ते हादसों को देखते हुए प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपनाया है. साथ ही सुरक्षा को लेकर कुछ महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किया है. यह फैसला एसडीएम संजीव भोट की अध्यक्षता में इंद्रुनाग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के साथ हुई बैठक में लिया गया है.
शहर में बीते कुछ समय में पैराग्लाइडिंग हादसों की बढ़ती संख्या ने प्रशासन को इस कदम को उठाने के लिए मजबूर किया. खासतौर पर, हाल ही में गुजरात की एक युवती की उड़ान के दौरान संतुलन बिगड़ने से मौत हो गई थी. इस घटना ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए थे, और इसके बाद से ही सुरक्षा सुधारों पर ध्यान दिया गया.
नए नियमों के अनुसार अब इंद्रुनाग पैराग्लाइडिंग साइट से शाम 6 बजे के बाद पैराग्लाइडिंग की उड़ान पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.
इंद्रुनाग साइट पर सुरक्षा सुधार
इंद्रुनाग पैराग्लाइडिंग साइट के बारे में एसडीएम संजीव भोट ने कहा कि यह साइट अभी उतनी विकसित नहीं है जितनी होनी चाहिए. ऐसे में साइट को सुरक्षा मानकों के हिसाब से सुधारने के निर्देश दिए गए हैं. इस बात पर जोर दिया गया है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न घटे, इसके लिए जगह में सुधार और सुरक्षा के उपायों को प्राथमिकता दी जाएगी.
औचक निरीक्षण की योजना
एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की तरफ से अब कभी भी इंद्रुनाग पैराग्लाइडिंग साइट का कभी भी अचानक निरीक्षण किया जाएगा. ऐसे में अगर कोई पायलट इन निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसे सख्त सजा दी जाएगी. इससे प्रशासन की यह कोशिश है कि दुर्घटनाओं का खतरा कम से कम हो.
सुरक्षा के लिए कड़े दिशा-निर्देश
एसडीएम संजीव भोट ने कहा कि पैराग्लाइडिंग बेहद जोखिमपूर्ण है. इसमें जरा सी हुई लापरवाही से व्यक्ति की जान पर खतरा मंडरा सकता है. ऐसे में यह जिम्मेदारी का काम है, और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता. प्रशासन ने इस गतिविधि को लेकर सख्त रुख अपनाया है और आगे भी कोई लापरवाही या नियमों का उल्लंघन होता है, तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
इस सख्त रुख के बाद, प्रशासन ने पैराग्लाइडिंग पायलटों और पर्यटकों के लिए एक संदेश दिया है कि सुरक्षा सर्वोपरि है. सभी को यह समझना होगा कि पैराग्लाइडिंग एक साहसिक खेल जरूर है, लेकिन इसकी अपनी चुनौतियां और खतरे भी हैं.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
