IAS टीना डाबी ने विधायक को ही दिया ‘जोर का झटका’, बौखला गए रवींद्र भाटी!

राजस्थान

राजस्थान के बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी को जिला प्रशासन ने बड़ा झटका दिया है. रविंद्र भाटी 12 जनवरी को युवा दिवस के मौके पर गडरा रोड इलाके में भारत-पाक सीमा से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रोहिड़ी गांव के रेतीले धोरों पर रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल नाम से एक कार्यक्रम आयोजित करने वाले थे. 2 दिन बाद यानी 12 जनवरी को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 300 से ज्यादा लोक कलाकार और बड़ी संख्या में लोग शामिल होने वाले थे.

इस कार्यक्रम को लेकर उपखंड अधिकारी गडरारोड़ ने अनुमति भी जारी कर दी थी. आयोजन को लेकर सभी तैयारियां हो चुकी थीं. रविंद्र सिंह भाटी उत्साह के साथ इस कार्यक्रम के प्रचार प्रसार में लगे हुए थे. आयोजन से 2 दिन पहले जिला कलेक्टर टीना डाबी ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर उपखंड अधिकारी की अनुमति को रद्द कर दिया है. आयोजन पर रोक लगाने का आदेश दिया है. इसके बाद रविंद्र सिंह भाटी उनके समर्थकों में जबरदस्त रोष व्याप्त है.

भाटी के समर्थक इन घटनाक्रम को राजनितिक द्वेष भावना से जोड़ रहे हैं. उनका आरोप हैं रविंद्र सिंह भाटी के सामने शिव विधानसभा चुनाव में जमानत जब्त करवाने वाले भाजपा प्रत्याशी और पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा के दबाव में जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम पर रोक लगाई हैं. लोकसभा चुनाव से पूर्व भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा ने इसी तरह का एक कार्यक्रम बाखासर इलाके में भारत पाक सीमा के करीब आयोजित किया था जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे.

बीजेपी नेता ने भी करवाया था प्रोग्राम

रविंद्र के समर्थकों ने कहा कि खारा ने जो कार्यकम करवाया था उसमें सीमा की सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं था, लेकिन रविंद्र सिंह भाटी के कार्यक्रम से देश की सुरक्षा को खतरा है? इसी को लेकर भाटी के समर्थक सोशल मीडिया पर जमकर विरोध कर रहे हैं. बता दें कि रविंद्र सिंह भाटी ने जैसलमेर के सम की तरह बाड़मेर के रोहिड़ी में स्थित रेतीले धोरों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्यकम की घोषणा की थी. जिससे बाड़मेर जिले के किराडू मुनाबाव जीरो प्वाइंट रोहिड़ी का इलाका भारत माला हाइवे से जुड़ चुका है. भाटी समर्थक सोशल मीडिया पर भाजपा के खिलाफ पोस्ट कर रहे हैं जिसकी वजह से एक्स पर थार_घातक_भाजपा ट्रेंड भी किया.

सुरक्षा का दिया हवाला

इस मामले को लेकर बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी का कहना है कि सीआईडी, बीएसएफ समेत सुरक्षा एजेंसियों को इस कार्यक्रम पर आपत्ति थी. एजेंसियों ने इसको लेकर नेगेटिव रिपोर्ट दी थी. कार्यक्रम स्थल भारत-पाकिस्तान की सीमा से महज 5 किलोमीटर दूर है. यह इलाका बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश के लिए प्रतिबंधित है. ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से कार्यक्रम की अनुमति निरस्त की गई है.

राजनीतिक द्वेष का आरोप

रविंद्र भाटी ने कहा कि, ‘यह राजनीतिक द्वेष भावना रखने वाले लोगों का षड्यंत्र है. मैं कार्यक्रम को लेकर दो महीने पहले अनुमति मांगी थी. प्रशासन ने 31 दिसंबर को ही अनुमति जारी की थी. इसके बाद ही हमने आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू की थीं. बाड़मेर की लोक कला संस्कृति और रोहिड़ी के रेतीले धोरों पर पर्यटकों लुभाने के लिए यह ऐतिहासिक कार्यक्रम होना था. मेरे राजनीतिक विरोधियों ने इस आयोजन में अड़ंगा डालकर षड्यंत्र के तहत इस कार्यक्रम को निरस्त करवाया है.

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