सदर बाजार सीट पर AAP-कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर ‘नाराजगी’, BJP ने अभी नहीं खोले अपने पत्ते

दिल्ली

दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीखों का अभी ऐलान तो नहीं हुआ है, लेकिन सियासी तपिश बढ़ती जा रही है. सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी ने अपने सभी 70 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है जबकि कांग्रेस भी उम्मीदवारों की अपनी 2 लिस्ट जारी कर चुकी है. हालांकि दिल्ली की प्रतिष्ठित सदर बाजार सीट पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अंदर प्रत्याशी को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है.

राष्ट्रीय राजधानी के उत्तरी-पश्चिमी दिल्ली जिले और चांदनी चौक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाली सदर बाजार सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर पार्टी के अंदर घमासान की स्थिति बनती दिख रही है. कांग्रेस ने 12 दिसंबर को जारी पहली लिस्ट में 21 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया तो 24 दिसंबर को 26 उम्मीदवार घोषित कर दिए. आम आदमी पार्टी ने 4 लिस्ट के जरिए 70 उम्मीदवार घोषित किया था.

कांग्रेस में ‘बाहरी’ को लेकर लोग खफा

सदर बाजार सीट पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में अंदरुनी तौर पर उम्मीदवारों को लेकर विरोध के सुर उभरते दिख रहे हैं. फिलहाल दबे स्वर में दोनों पार्टियों से प्रत्याशी बदलने तक की मांग भी शुरू हो चुकी है.

कांग्रेस ने अनिल भारद्वाज को मैदान में उतारा है, स्थानीय तौर पर उन्हें बाहरी प्रत्याशी माना जा रहा है. वह पास के त्रिनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं. ‘बाहरी’ प्रत्याशी की वजह से कांग्रेस की स्थिति यहां पर कमजोर मानी जा रही है. सदर बाजार क्षेत्र के पार्टी के फैसले से नाराज लोगों का मानना है कि कांग्रेस को यहां से निगम पार्षद रह चुकीं ​प्रेरणा सिंह को टिकट दिया जाना चाहिए.

सोम दत्त को फिर मौका दोने पर सवाल!

बीजेपी ने अभी दिल्ली चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया, लेकिन पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही मुकाबला हुआ था. कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी.

कांग्रेस की तरह आम आदमी पार्टी में अंदरुनी तौर पर इस बात के लिए नाराजगी दिखाई जा रही है कि पार्टी ने लगातार चौथी बार सोम दत्त को मैदान में उतारा है. वो लगातार जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं. उन्होंने 2013, 2015 और 2020 में सदर बाजार सीट से जीत हासिल की है. पार्टी समर्थकों को आशंका है कि पार्टी की ओर से एक बार फिर उन पर भरोसा जताना कहीं भारी न पड़ जाए. सोमदत्त के साथ ही पार्टी इस बार दिल्ली में 10 साल की सत्ता विरोधी लहर से जूझती दिख रही है.

BJP को 1993 में आखिरी बार मिली जीत

जहां तक बीजेपी की बात है तो उसे 1993 में पहली और आखिरी बार यहां से जीत हासिल हुई थी. पार्टी ने अभी अपने पत्ते तो नहीं खोले हैं, लेकिन सदर बाजार सीट पर 3 नाम चर्चा में चल रहे हैं. इनमें प्रवीण जैन, जय प्रकाश और रविन्द्र गुप्ता का नाम सबसे ऊपर है. हालांकि जय प्रकाश को 3 बार हार मिल चुकी है, जबकि प्रवीण जैन 2 बार पार्षद रह चुके हैं. रविन्द्र गुप्ता करोल बाग के निवासी हैं. पार्टी उन्हें टिकट देकर बाहरी प्रत्याशी के रूप में उतारने से पहले कई बार सोचेगी.

दिल्ली की 70 सीटों में से सदर बाजार सीट एक अहम सीट है. घरेलू सामानों का होलसेल मार्केट और दिल्ली नगर निगम के 12 जोन में से एक सदर बाजार क्षेत्र को साल 1993 में विधानसभा सीट बनाया गया था. तब पहली बार यहां से बीजेपी के हरिकिशन विधायक चुने गए थे. उसके बाद यहां से लगातार तीन बार कांग्रेस के राजेश जैन ने जीत हासिल की. फिर आम आदमी पार्टी का यहां पर कब्जा हो गया. पार्टी के सोम दत्त ने 2013, 2015 और 2020 में जीत हासिल करने के साथ ही अपनी हैट्रिक भी पूरी की.

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