शिवसेना उद्वव ठाकरे के नेता आदित्य ठाकरे ने सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपील की है कि शिंदे सरकार के दो मंत्रियों के अपने मंत्रिमंडल से दूर रखें. उद्धव ठाकरे ने रविवार को सोशल साइट एक्स पर ट्वीट किया कि अगर बीजेपी सरकार सड़क घोटाले पर कार्रवाई करने के लिए गंभीर है, तो उन्हें तत्कालीन अवैध सीएम शिंदे और शिंदे शासन के 2 संरक्षक मंत्रियों- लोढ़ा और केसरकर को कैबिनेट से बाहर रखना चाहिए.
आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह मुंबई की मेहनत की कमाई थी. बर्बाद हो गई. ठेकेदारों और राजनेताओं को अपनी जेबें भरने के लिए की गई. उन्होंने कहा कि मैंने पिछले दो सालों से उनका पर्दाफाश किया, लेकिन बीजेपी ने उस शासन का समर्थन किया.
कैबिनेट विस्तार पर उद्धव ने उठाए सवाल
मंत्रिमंडल के गठन में देरी होने पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि अब कलह और स्वार्थ है, जिसे लोगों की सेवा के लिए अलग रखा जाना चाहिए. ईवीएम और चुनाव आयोग ने बहुमत दे दिया है. तुरंत काम शुरू कर देना चाहिए था. लेकिन, मुझे क्या मिलेगा, तुम्हें क्या मिलेगा का स्वार्थ अभी चल रहा है. आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि वे इतने बहुमत से भी खुश नहीं हैं, कहीं कोई जश्न नहीं है.
सावरकर के अलावा अन्य मुद्दों पर ध्यान करें केंद्रित
लोकसभा में वीर सावरकर का मुद्दा उठाये जाने पर आदित्य ठाकरे ने कहा किभाजपा और कांग्रेस को अब सावरकर और नेहरू के अलावा अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. सावरकर विवाद पर आदित्य ठाकरे ने दोनों पार्टियों के नेताओं को सलाह देते हुए कहा है कि बेरोजगार युवाओं के लिए काम का मुद्दा 50 साल पहले जो हुआ उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि हम दूसरे समाज को दबाकर अपना हिंदुत्व साबित नहीं करना चाहते. हमारा हिंदुत्व अलग है, हमारा हिंदुत्व दिल में राम और हाथ में काम है.
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