पतले बाल हो जाएंगे घने, आयुर्वेद के ये 3 उपचार हैं फायदेमंद, जानिए एक्सपर्ट से

मुख्य समाचार

 आजकल खराब लाइफस्टाइल के चलते हेयरफॉल, डैंड्रफ और सफेद होने की समस्याएं हो रही हैं. कम उम्र के लोगों में बालों से जुड़ी ऐसी तमाम समस्याएं देखने को मिल रही हैं. ये समस्याएं न केवल हमारी सुंदरता को प्रभावित करती हैं, बल्कि कॉन्फि़डेंस पर भी असर डालती हैं. हालांकि, हेयरफॉल होने की मुख्य वजहों में हार्मोनल चेंज, तनाव और खानपान की कमी है.

घने बाल पाने के लिए लोग कई महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं. कुछ लोग तो केमिकल ट्रीटमेंट भी लेते हैं. हालांकि, कई बार इन प्रोडक्ट्स के साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिलते हैं. आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. विनिता कहती हैं कि बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए आयुर्वेद के कुछ उपाय काफी फायदेमंद होते हैं. आइए जानते हैं आयुर्वेद के इन सिंपल टिप्स के बारे में…

शिरोधारा

शिरोधारा एक पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार है. इसमें तेल को धीरे-धीरे माथे पर डाला जाता है. ये स्ट्रेस को कम करने के साथ-साथ बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है. हालांकि, इस उपचार को किसी आयुर्वेद एक्सपर्ट की देख-रेख में ही करें. जिन लोगों के स्ट्रेस के कारण बाल झड़ते हैं, उनके लिए ये काफी फायदेमंद है.

शिरो अभ्यंग

इसका मतलब होता है सिर की मालिश करना. भृंगराज और आंवला जैसे हर्बल तेल से सिर की मालिश करना काफी फायदेमंद होगा. इससे बालों को पोषण भी मिलता है और जड़ भी मजबूत बनती है. हेयरफॉल कंट्रोल करने के लिए हफ्ते में दो बार भृंगराज या आंवला तेल से हल्के हाथों से सिर की मालिश करें.

नस्य कर्म

इसमें नाक संबंधी उपचार है. इसमें अणु तेल का इस्तेमाल किया जाता है. नस्य कर्म में शरीर के दोषों को संतुलित करने में मदद करता है. इससे बाल भी बेहतर बनते हैं. आयुर्वेद एक्सपर्ट की सलाह पर रोजाना सुबह अणु तेल की 2 से 3 बूंदें नाक में डालें. इससे बालों की जड़ों तक पोषण मिलता है.

इसके साथ ही, अपने डाइट में विटामिन बी12 और डी से जुड़ी चीजों को डाइट में शामिल करना चाहिए. ये दोनों ही चीजें बालों को मजबूत रखने के लिए जरूरी हैं.

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