बिहार के पूर्णिया जिले के भवानीपुर के रघुनाथपुर में झोलाछाप डॉक्टर के यहां इलाज कराने पर युवक की मौत हो गई. युवक ने मामूली विवाद में 4 दिन पहले जहर खा लिया था, जहर खाने के बाद घरवाले उसे डॉक्टर के पास लेकर गए. झोलाछाप डॉक्टर युवक के इलाज का आश्वासन घरवालों को दे रहा था कि वो उसका इलाज कर रहा है, लेकिन चार दिनों से वो युवक के शरीर से जहर निकाल रहा था. शरीर से जहर न निकलने के कारण उसकी हालात बिगड़ने लगी और युवक की मौत हो गई.
मृतक की पहचान पंडितबासा के रहने वाले अवधेश कुमार (25) के रूप में हुई है. घरवालों की तरफ से हुई लापरवाही के कारण युवक की मौत हो गई अगर घटना के संबंध में घरवालों ने बताया कि पत्नी से युवक का झगड़ा हो गया, जिसके बाद युवक ने कीटनाशक वाली दवा खा ली. वहीं गांववालों ने बताया कि रुपौली के मैनी गांव में एक डॉक्टर अशोक कुमार ऐसे ऐसे जहर को चुटकी में उतार देता है.
4 दिन से जहर निकाल रहा था डॉक्टर
इसके बाद युवक को उस झोलाछाप डॉक्टर अशोक के पास ले जाया गया, जहां 11 तारीख से उसका इलाज चल रहा था और 14 को उसकी मौत हो गई. वहीं युवक की मौत पर जहर निकालने की गारेंटी देने वाले झोलाछाप डॉक्टर के घर जाकर घरवालों ने खूब हंगामा किया. झोलाछाप डॉक्टर का कहना था “किस्मत में यहीं लिखा था तो हम क्या कर सकते हैं?”
वहीं घटना की खबर सूचना भवानीपुर के अवर निरीक्षक शम्भू प्रसाद दलबल के साथ मृतक के घर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णियां भेज दिया गया. भवानीपुर सुनील कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा उसपर कार्यावाई की जाएगी, साथ ही झोलाछाप डॉक्टर की भी जांच होगी. मृतक के घरवालों को रो-रोकर बुरा हाल है.
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