सऊदी अरब पर यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार बढ़ते हमलों के बीच सोमवार को राजधानी रियाद में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की की एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस अहम बैठक के दौरान सऊदी अरब ने मक्का डिफेंस पैक्ट (Makkah Defense Pact) को आधिकारिक रूप से एक्टिवेट कर दिया है। समझौते के तहत अब पाकिस्तान और तुर्किये के सैनिक भी सऊदी अरब पहुंचेंगे।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान अल सऊद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मक्का डिफेंस अलायंस के तहत आयोजित स्ट्रैटेजिक पॉलिटिकल एंड डिफेंस कमेटी की इमरजेंसी मीटिंग में किंगडम और पवित्र स्थलों पर हुए हमलों का पुरजोर मुकाबला करने के लिए सभी देशों की एकजुटता और एकता को दोहराया गया है।
⚡ सामरिक और सामूहिक रक्षा उपायों पर सहमति
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जवाब और सुरक्षा उपाय: रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि कमेटी ने इन हमलों और इनके लिए जिम्मेदार ताकतों के जवाब में अलायंस के दायरे के तहत सामूहिक रूप से रोकने के उपाय (Collective Deterrence Measures) लागू करने पर पूर्ण सहमति जताई है।
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त्रिपक्षीय समझौते की पृष्ठभूमि: गौरतलब है कि बीते अगस्त महीने में ही पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच एक त्रिपक्षीय रक्षा समझौता हुआ था। इस समझौते के नियमों के मुताबिक, यदि गठबंधन में शामिल किसी भी एक देश पर बाहरी हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।
🤝 बैठक में शामिल रहे दोनों देशों के शीर्ष सैन्य और रक्षा अधिकारी
सामरिक, राजनीतिक एवं रक्षा कमेटी (SPDC) की इस उच्च-स्तरीय बैठक में पाकिस्तान की ओर से एक मजबूत प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया।
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पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल: इस प्रतिनिधिमंडल में देश के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इस्हाक डार, रक्षा बलों के प्रमुख, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ विशेष रूप से शामिल रहे।
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सहयोग की समीक्षा: बैठक के दौरान क्षेत्र के हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर गहन चर्चा की गई तथा मक्का समझौते के तहत चल रहे आपसी सहयोग की बारीकी से समीक्षा की गई। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने कहा कि इस उच्च-स्तरीय बैठक में पाकिस्तान की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि वह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
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