राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र से शिक्षा विभाग और जलदाय विभाग के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलने वाली एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में सरकारी स्कूल के छोटे-छोटे मासूम बच्चे जर्जर और टूटे हुए हैंडपंप को खुद चलाकर पानी पीने और अपनी खाने की थालियां धोने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं। यह पूरा मामला शहीद रामलाल राजकीय प्राथमिक विद्यालय, पाटिया (भीम) का बताया जा रहा है, जहां बच्चों की बुनियादी सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया है।
⚠️ खतरनाक स्थिति के बीच जान जोखिम में डाल रहे नौनिहाल: लंबे समय से खराब पड़ा है हैंडपंप
सामने आए इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे अपनी प्यास बुझाने के लिए स्कूल परिसर में लगे टूटे हुए हैंडपंप का सहारा ले रहे हैं। बच्चे न सिर्फ इस जोखिम भरे हैंडपंप को चलाकर पानी पी रहे हैं, बल्कि मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) के बाद अपनी खाली थालियां भी इसी पानी से साफ कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हैंडपंप लंबे समय से खराब और जर्जर हालत में है। टूटे हुए लोहे के भारी और नुकीले हिस्सों के बीच छोटे बच्चों का पानी निकालना बेहद खतरनाक है और यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
🏛️ CBEO और पालिका कार्यालय के पास है स्कूल, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी बेखबर
स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर सबसे ज्यादा है कि यह प्रशासनिक लापरवाही सीधे जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे चल रही है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) का कार्यालय और भीम नगरपालिका कार्यालय इस स्कूल के बिल्कुल पास ही स्थित हैं। इसके बावजूद आज तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान मासूम बच्चों की इस गंभीर समस्या और उनकी सुरक्षा पर नहीं गया। वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों ने तुरंत साफ पानी की व्यवस्था करने व जर्जर हैंडपंप को ठीक कराने की पुरजोर मांग की है।
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