Mahasamund News: बागबाहरा के झिटकी गांव में घर में घुसा खूंखार तेंदुआ, एक ही परिवार के 6 लोगों पर किया हमला

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के अंतर्गत आने वाले बागबाहरा वनपरिक्षेत्र में खूंखार तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। रविवार की देर रात ग्राम झिटकी में उस वक्त सनसनी फैल गई और भारी हड़कंप मच गया जब एक आक्रामक तेंदुआ अचानक एक रिहायशी घर के अंदर जा घुसा और सोते हुए एक ही परिवार के 6 सदस्यों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस भीषण तेंदुए के हमले में 4 पुरुष और 2 महिलाएं बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। घायलों में बुजुर्ग, महिला और एक किशोर भी शामिल हैं, जिनमें से तीन की हालत बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत रायपुर रेफर कर दिया गया है।

🚪 घर के भीतर मची चीख-पुकार: हिम्मत दिखाकर परिजनों ने तेंदुए को एक कमरे में किया बंद

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार के सदस्य अपने घर में सो रहे थे, तभी परिवार का एक सदस्य रात के वक्त बाथरूम जाने के लिए जैसे ही बाहर निकला, पहले से घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उस पर हमला बोल दिया। महिला के शोर मचाने पर बचाने आए अन्य लोगों पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया और वह सीधे घर के भीतर घुस गया। घर के अंदर चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान परिवार के एक सूझबूझ भरे सदस्य ने भारी हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए को एक कमरे के भीतर बंद कर दिया। इसके बाद तुरंत पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।

🏥 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी: एक दिन पहले पंडरीपानी में भी हुआ था हमला

घटना की सूचना मिलते ही 112 की मदद से सभी घायलों को तुरंत बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें महासमुंद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों में सरजू यादव (60 वर्ष), उत्तरीबाई यादव (55 वर्ष), जनकराम यादव (40 वर्ष), मनीष (18 वर्ष), सुनीता यादव (34 वर्ष) और तुपार यादव (15 वर्ष) शामिल हैं। इस घटना से ठीक एक दिन पहले समीप के ही पंडरीपानी क्षेत्र में भी एक व्यक्ति पर तेंदुए द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया था। लगातार दो दिनों की इन घटनाओं से पूरे इलाके में भयंकर दहशत का माहौल है।

🚨 रायपुर से बुलाई गई विशेष रेस्क्यू टीम: ग्रामीणों ने थानेदार को सौंपा सुरक्षा का आवेदन

घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और पुलिस का अमला तुरंत मौके पर पहुंच गया। तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और उसका रेस्क्यू करने के लिए रायपुर से विशेष रेस्क्यू टीम को बुलाया गया है। वन विभाग की टीम लगातार तेंदुए की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है। लगातार हो रहे इन हमलों से सहमे ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग को लेकर स्थानीय थानेदार को लिखित आवेदन भी सौंपा है। वन विभाग ने ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने और अकेले घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

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