पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के अंतर्गत आते केतुग्राम के मोरग्राम क्षेत्र से एक बेहद रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है।
इलाके में एक आवारा कुत्ते ने अचानक आक्रामक होकर रास्ते से गुजर रहे लोगों पर हमला बोलना शुरू कर दिया। देखते ही देखते इस कुत्ते ने बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सहित कुल 56 लोगों को काटकर लहूलुहान कर दिया।
इस भयावह घटना के बाद से लिपाड़ा, डांगापाड़ा, परिपाड़ा, खादेमपाड़ा, मोड़लपाड़ा और मेरु पल्ली समेत आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत और भय का माहौल व्याप्त हो गया है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी खौफ महसूस कर रहे हैं।
👶 डेढ़ महीने के मासूम से लेकर महिलाओं को बनाया निशाना: कई घायल अस्पताल रेफर
घटना में जख्मी हुए लोगों और उनकी हालत का विवरण:
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मासूम भी नहीं बचा: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कुत्ते की दरिंदगी का आलम यह था कि उसने करीब डेढ़ महीने के एक दूधमुंहे बच्चे से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं तक को बुरी तरह नोच डाला।
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गंभीर चोटें आईं: कई पीड़ितों के चेहरे, हाथ और पैरों पर गहरे जख्म हुए हैं, जिससे भारी रक्तस्राव हुआ।
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बोलपुर शियान अस्पताल रेफर: प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों की बेहद नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बोलपुर शियान अस्पताल रेफर कर दिया है।
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कुत्ते को पकड़ने की गुहार: ग्रामीणों ने स्थानीय नागरिक प्रशासन और वन विभाग से तत्काल रेस्क्यू टीम भेजकर हमलावर कुत्ते को पकड़ने की पुरजोर अपील की है ताकि क्षेत्र में खौफ खत्म हो सके।
🐺 पिल्लों को सियार ले गए, इसलिए आक्रामक हुई कुतिया: स्थानीय लोगों ने बताई हैरान करने वाली वजह
हमले के पीछे की चौंकाने वाली पृष्ठभूमि:
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सियार उठा ले गए थे नवजात पिल्ले: स्थानीय निवासी यार अली शेख और अन्य ग्रामीणों का दावा है कि कुछ दिन पहले ही इस मादा कुत्ते (कुतिया) के नवजात पिल्लों को जंगली सियार उठाकर ले गए थे।
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व्यवहार में आया असामान्य बदलाव: अपने बच्चों को खोने के गहरे सदमे और आक्रामकता के चलते मादा कुत्ते के स्वभाव में भयानक बदलाव आ गया।
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बदले की भावना से हमला: ग्रामीणों का मानना है कि अपने पिल्लों के वियोग में पागल जैसी हो चुकी कुतिया ने इंसानों को अपना दुश्मन समझ लिया और सामने आने वाले हर व्यक्ति पर अंधाधुंध हमला करना शुरू कर दिया।
🏥 कांदरा प्राथमिक अस्पताल में तुरंत इलाज: ग्रामीणों की मदद से पहुंचाए गए घायल
राहत कार्य और स्वास्थ्य सेवाओं का विवरण:
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अस्पताल में मची अफरा-तफरी: हमले की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाई। जीत दास सहित कई जागरूक युवकों ने घायलों को तुरंत वाहनों से कांदरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
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एंटी-रेबीज इंजेक्शन और मरहम-पट्टी: अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने इमरजेंसी स्थिति को संभालते हुए सभी घायलों को तत्काल एंटी-रेबीज इंजेक्शन (Rabies Vaccine) लगाए और घावों की ड्रेसिंग की।
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प्रशासनिक सतर्कता की मांग: एक ही कुत्ते द्वारा इतनी बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ शिकार बनाए जाने की अप्रत्याशित घटना से पूरे स्वास्थ्य महकमे और स्थानीय प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है।
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