दुर्ग (छत्तीसगढ़): जिले के भिलाई सेक्टर-2 से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बुधवार को गटर की सफाई के दौरान करीब 2 से 3 दिन के एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ।
सड़क नंबर 11 और 12 के बीच गटर लंबे समय से जाम था, जिससे गंदे पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई थी। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को लेकर भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) प्रबंधन से शिकायत दर्ज कराई थी। नागरिकों की शिकायत के बाद जब बीएसपी कर्मियों ने गटर की सफाई का काम शुरू किया, तभी सफाई कर्मचारियों की नजर गटर के भीतर पड़े नवजात के शव पर पड़ी। इस अमानवीय दृश्य को देखते ही कर्मियों के होश उड़ गए और इलाके में हड़कंप मच गया।
📢 मौके पर जुटी भारी भीड़: स्थानीय पार्षद और भट्ठी थाना पुलिस को दी गई सूचना
घटनास्थल पर हलचल और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया:
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लोगों का जमावड़ा: गटर में नवजात का शव मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी मौके पर एकत्र हो गए।
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पुलिस को दी सूचना: तत्काल क्षेत्रीय पार्षद को सूचित किया गया, जिसके बाद भट्ठी थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची।
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शव निकालने की प्रक्रिया: पुलिस और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में नवजात के शव को गटर से बाहर निकालने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई।
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पार्षद हरीश सिंह का बयान: पार्षद हरीश सिंह ने कहा, “बीएसपी कर्मचारी जैन साहब ने फोन कर इस बात की सूचना दी थी। प्रतीत होता है कि यह बच्चा आसपास के ही किसी परिवार से संबंधित हो सकता है। इलाके में इस बात की पड़ताल की जा रही है कि हाल ही में कौन सी महिला गर्भवती थी और उसके पास शिशु नहीं है।”
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बीएसपी कर्मचारी का कहना: कर्मचारी जैन साहब ने बताया कि गटर जाम होने की शिकायत पर सफाई कराई जा रही थी, उसी दौरान कर्मचारियों को यह नवजात नजर आया।
🔍 पुलिस जांच में जुटी: सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल शुरू
पुलिस अनुसंधान और तकनीकी जांच का दायरा:
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गंभीर सवाल: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने छोटे नवजात शिशु को गटर के अंदर किन परिस्थितियों में और किसने फेंका?
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आसपास पूछताछ: पुलिस ने स्थानीय लोगों, किराएदारों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से पूछताछ शुरू कर दी है।
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सीसीटीवी कैमरों की जांच: सीएसपी भिलाई नगर निशांत पाठक ने जानकारी दी कि आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है, ताकि हाल के दिनों में रात अथवा दिन के समय हुई संदिग्ध गतिविधियों और लोगों की आवाजाही का पता लगाया जा सके।
🔬 एफएसएल (FSL) टीम बुलाई गई: वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
फॉरेंसिक जांच और कानूनी प्रक्रिया:
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फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए: सीएसपी निशांत पाठक के अनुसार, घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की टीम को साक्ष्य एकत्र करने के लिए तलब किया गया है।
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साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई: घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों, डीएनए नमूनों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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जांच जारी: फिलहाल भट्ठी थाना पुलिस पूरे मामले की गहन तफ्तीश कर रही है, जिसके बाद ही नवजात को गटर में फेंकने वाले अज्ञात आरोपियों और वास्तविक कारणों का पर्दाफाश हो सकेगा।
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