पीरियड्स के असहनीय दर्द से पाएं राहत: गायनेकोलॉजिस्ट ने बताए 3 जरूरी न्यूट्रिएंट्स; पेनकिलर की नहीं पड़ेगी जरूरत

लाइफ स्टाइल

नई दिल्ली: मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान तेज और असहनीय दर्द से जूझना आज के समय में अधिकांश महिलाओं के लिए एक आम समस्या बनता जा रहा है।

हर महीने महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में तीव्र ऐंठन, कमर दर्द, अत्यधिक थकान और मूड स्विंग्स जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लगातार बढ़ती इन तकलीफों के बावजूद महिलाएं अपने खानपान पर समुचित ध्यान नहीं दे पाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि हमारी दैनिक डाइट का सीधा संबंध पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और उसकी तीव्रता से होता है। सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. वैशाली शर्मा के अनुसार, शरीर में आयरन और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी माहवारी के दिनों को और अधिक कष्टदायक बना देती है।

🩺 शरीर में आयरन की कमी: अत्यधिक ब्लीडिंग और कमजोरी का बड़ा कारण

आयरन स्तर और माहवारी का संबंध:

  • ब्लीडिंग और आयरन का सीधा रिश्ता: हर महीने होने वाले रक्तस्राव से शरीर का प्राकृतिक आयरन लेवल घटने लगता है।

  • शारीरिक लक्षण: शरीर में आयरन का स्तर बहुत कम हो जाने पर लगातार थकान, शारीरिक दुर्बलता, एकाग्रता में कमी और चिड़चिड़ापन (मूड स्विंग्स) बढ़ जाता है।

  • ब्लीडिंग की तीव्रता: रक्त में हीमोग्लोबिन और आयरन की गंभीर कमी के कारण कई मामलों में ब्लीडिंग असामान्य रूप से बढ़ जाती है।

🥗 आयरन की पूर्ति के लिए किन खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करें?

अवशोषण और पोषक स्रोतों के नियम:

  • शाकाहारी स्रोत: अपनी थाली में नियमित रूप से हरी पत्तेदार पालक, विभिन्न प्रकार की दालें, राजमा और छोले शामिल करें।

  • मांसाहारी विकल्प: नॉन-वेजिटेरियन महिलाएं संतुलित मात्रा में रेड मीट का सेवन कर सकती हैं।

  • विटामिन सी की अनिवार्यता: आहार में मौजूद आयरन को शरीर में ठीक से अवशोषित (Absorb) कराने के लिए विटामिन सी अनिवार्य है। अतः भोजन के साथ नींबू, संतरा, आंवला और टमाटर जैसे खट्टे फलों का सेवन जरूर करें।

🌰 मैग्नीशियम की कमी न होने दें: मांसपेशियों की ऐंठन (Dysmenorrhea) से बचाव

मांसपेशियों को रिलैक्स करने वाले तत्व:

  • नर्वस सिस्टम का संतुलन: मैग्नीशियम गर्भाशय की मांसपेशियों को शिथिल करने और तंत्रिका तंत्र को शांत रखने में बेहद कारगर भूमिका निभाता है।

  • डिसमेनोरिया से राहत: जिन महिलाओं के शरीर में मैग्नीशियम का स्तर कम होता है, उन्हें गर्भाशय में असामान्य ऐंठन और तेज दर्द (Dysmenorrhea) का सामना करना पड़ता है।

  • पेनकिलर पर घटेगी निर्भरता: आहार में मैग्नीशियम शामिल करने से दर्द की तीव्रता तेजी से घटती है, जिससे दर्द निवारक दवाओं (पेनकिलर्स) की आवश्यकता नहीं पड़ती।

  • प्रमुख स्रोत: कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), बादाम, केला और 70% या उससे अधिक कोको वाली डार्क चॉकलेट इसके बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत हैं।

🥑 ओमेगा-3 फैटी एसिड: गर्भाशय के संकुचन और सूजन को कम करने में असरदार

प्रोस्टाग्लैंडिन हार्मोन का नियंत्रण:

  • तेज संकुचन का कारण: पीरियड्स के दौरान गर्भाशय में तेज दर्द और खिंचाव का मुख्य कारण ‘प्रोस्टाग्लैंडिन’ नामक तत्व होते हैं, जो गर्भाशय की दीवारों में खिंचाव पैदा करते हैं।

  • ओमेगा-3 का प्रभाव: ओमेगा-3 फैटी एसिड इन तत्वों के अत्यधिक निर्माण को रोककर गर्भाशय की सूजन और दर्द में प्रभावी राहत प्रदान करता है।

  • दैनिक आहार में शामिल करें: अखरोट, अलसी के बीज (Flaxseeds), चिया सीड्स और सैल्मन मछली को भोजन में शामिल करने से दर्द में तुरंत आराम मिलता है और मानसिक तनाव भी कम होता है। सही खानपान से माहवारी के दिनों को बिना दवाओं के सहज बनाया जा सकता है।

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