नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव और एंजाइटी (चिंता) की समस्या बेहद आम हो चुकी है। लंबे समय तक रहने वाला गंभीर तनाव न केवल मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि इसका सीधा असर शारीरिक स्वास्थ्य और बालों पर भी दिखाई देता है।
अक्सर देखा गया है कि अत्यधिक तनाव के दौर में लोगों के बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञों (Dermatologists) के अनुसार, गंभीर या दीर्घकालिक तनाव निश्चित रूप से हेयर फॉल को बढ़ा सकता है, हालांकि हर व्यक्ति में इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है।
🔬 तनाव से बालों पर कैसे पड़ता है असर?: समझिए ‘टेलोजन एफ्लुवियम’
विशेषज्ञ डॉक्टर की राय और वैज्ञानिक कारण:
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स्ट्रेस रिस्पॉन्स: श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट (दिल्ली) के सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजी डॉ. विजय सिंघल के अनुसार, जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक गंभीर तनाव में रहता है, तो शरीर लगातार ‘स्ट्रेस रिस्पॉन्स मोड’ में चला जाता है।
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ग्रोथ साइकिल पर असर: बालों के बढ़ने का एक प्राकृतिक चक्र (ग्रोथ साइकिल) होता है। अत्यधिक तनाव के कारण बाल समय से पहले ही अपने विकास चरण से निकलकर रेस्टिंग फेज (विश्राम अवस्था) में चले जाते हैं।
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टेलोजन एफ्लुवियम: इस अवस्था के कुछ हफ्तों या महीनों बाद बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को ‘टेलोजन एफ्लुवियम’ (Telogen Effluvium) कहा जाता है।
🚿 अचानक बढ़ सकता है हेयर फॉल: तनाव और बालों के झड़ने का समय चक्र
लक्षण और दिखने वाले प्रभाव:
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कंघी या नहाते वक्त बाल टूटना: तनावजनित हेयर फॉल में व्यक्ति को नहाते समय, कंघी करते समय या बालों पर सामान्य हाथ फेरने पर भी अत्यधिक बाल टूटते दिखाई देते हैं।
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देरी से असर: तनावपूर्ण घटना या दौर के तुरंत बाद नहीं, बल्कि अक्सर 2 से 3 महीने बाद हेयर फॉल का असर दिखता है, जिसके कारण लोग तनाव और बाल झड़ने के आपसी संबंध को समझ नहीं पाते।
⚠️ केवल एंजाइटी ही नहीं, ये अन्य कारण भी हो सकते हैं जिम्मेदार
हेयर फॉल के अन्य प्रमुख ट्रिगर्स:
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पोषक तत्वों की कमी: शरीर में आयरन, जिंक, बायोटिन, विटामिन D या विटामिन B12 की कमी।
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हार्मोनल बदलाव व बीमारियां: थायरॉइड असंतुलन, पीसीओडी (PCOD), अचानक वजन का घटना या कोई पुरानी बीमारी।
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खराब लाइफस्टाइल: नींद की कमी, असंतुलित खानपान, कुछ विशेष दवाओं के दुष्प्रभाव और स्कैल्प में इन्फेक्शन या डैंड्रफ की समस्या।
🧘 तनाव प्रबंधन और बचाव के उपाय: डॉक्टर से कब लें सलाह?
बचाव और सही उपचार के तरीके:
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लाइफस्टाइल में सुधार: यदि हेयर फॉल का कारण तनाव है, तो बालों की देखभाल के साथ-साथ पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मेडिटेशन के जरिए तनाव को नियंत्रित करना अनिवार्य है।
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विशेषज्ञ परामर्श: बहुत अधिक चिंता या घबराहट महसूस होने पर मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लें।
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खुद से इलाज न करें: यदि बाल गुच्छों में गिर रहे हैं, सिर पर पैच बन रहे हैं या स्कैल्प में तेज खुजली, लालिमा व पपड़ी की समस्या है, तो खुद से दवा या सप्लीमेंट लेने के बजाय तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से जांच कराकर सही कारण का इलाज कराएं।
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