रायपुर (छत्तीसगढ़): राजधानी में अपराध नियंत्रण, बदमाशों की शिनाख्त और वारदातों के बाद उनके भागने के रूट को ट्रैक करने के उद्देश्य से स्थापित किए गए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के कैमरे अब पुलिस के लिए ही बड़ी चुनौती बन चुके हैं।
शहर के मुख्य चौराहों से लेकर आउटर व सीमावर्ती क्षेत्रों तक लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं। जो कैमरे चालू स्थिति में हैं, उनसे मिलने वाली तस्वीरें भी अत्यधिक धुंधली हैं। इस तकनीकी बदहाली के कारण शहर में होने वाली लूट, डकैती, चोरी, चेन स्नेचिंग और हिट एंड रन जैसे गंभीर मामलों की विवेचना सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
🖥️ आईसीसीसी (ICCC) में स्क्रीन ब्लैक: लेंस पर धूल से नहीं दिख रहे नंबर प्लेट
तकनीकी खराबी और जांच में आ रही रुकावटें:
-
ब्लैक स्क्रीन की समस्या: वारदात घटित होने के उपरांत जब पुलिस टीमें इंटीग्रेटेड सिटी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) पहुंचकर फुटेज खंगालती हैं, तो अधिकांश प्रमुख लोकेशनों के कैमरों की स्क्रीन पूरी तरह ब्लैक (बंद) मिलती है।
-
चेहरे और नंबर अस्पष्ट: कई सक्रिय कैमरों के लेंस पर धूल जमने और तकनीकी खराबी के चलते बदमाशों के चेहरे और उनके वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट रूप से नहीं पढ़े जा रहे हैं।
-
सिग्नलों का मेंटेनेंस ठप: कैमरों के साथ-साथ प्रमुख चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नलों के मेंटेनेंस का कार्य भी समय पर नहीं हो पा रहा है, जिससे यातायात नियंत्रण और सुरक्षा निगरानी दोनों व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad