मुंबई में गैर-मराठियों के मराठी सीखने पर बोले छगन भुजबल; कुंभ मेला घोटाले पर सख्त, NCP विलय की खबरों को नकारा

महाराष्ट्र

मुंबई (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र में गैर-निवासियों द्वारा मराठी भाषा सीखने को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल का एक अहम बयान सामने आया है।

उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जब लोग चेन्नई जाते हैं तो वहां की स्थानीय भाषा तमिल सीखते हैं और गुजरात जाने वाले गुजराती अपनाते हैं। ठीक इसी प्रकार, यदि कोई नागरिक मुंबई में स्थायी रूप से बसने आता है, तो उसे रोजमर्रा के संवाद के लिए कम से कम बुनियादी मराठी भाषा सीखनी ही चाहिए; ऐसी मांग में कोई अनुचित बात नहीं है।

भुजबल ने स्पष्ट किया कि भाषा सीखने के लिए प्रवासियों को पर्याप्त समय दिया जाना आवश्यक है क्योंकि कोई भी नई भाषा तुरंत नहीं सीखी जा सकती। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोई चुनाव नहीं हैं, इसलिए इसे चुनावी राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। पहले चालकों के लाइसेंस रद्द करने की बात सामने आई थी, किंतु अब समय मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।

🚨 नासिक कुंभ मेले के नाम पर फर्जी भर्ती घोटाला: पुलिस करेगी गिरोह का भंडाफोड़

कुंभ मेला भर्ती फर्जीवाड़ा और प्रशासनिक एक्शन:

  • फर्जी वर्क ऑर्डर का मामला: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी ठेके (वर्क ऑर्डर) और अनधिकृत भर्ती का मामला उजागर हुआ है।

  • सख्त कानूनी निर्देश: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने पुलिस प्रशासन को इस धोखाधड़ी में लिप्त फर्जी गिरोहों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

  • पर्दाफाश की तैयारी: उन्होंने आश्वस्त किया कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस बहुत जल्द पूरे रैकेट की सच्चाई सामने लाएगी।

🏛️ BMC का अगला मेयर शिवसेना का होगा? छगन भुजबल ने दी प्रतिक्रिया

मुंबई महानगरपालिका (BMC) और गठबंधन की रणनीति:

  • इच्छा व्यक्त करने का अधिकार: मुंबई महानगरपालिका के अगले महापौर पद को लेकर शिवसेना के दावे पर भुजबल ने कहा कि गठबंधन में किसी भी दल द्वारा अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा या इच्छा प्रकट करना गलत नहीं है।

  • सामूहिक निर्णय: उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला गठबंधन के सभी शीर्ष नेता एक साथ बैठकर आपसी सहमति से लेंगे।

🤝 NCP बैठक में विलय को लेकर कोई बात नहीं हुई: रोहित पवार से बातचीत पर रुख

पार्टी स्तर की बैठकें और राजनीतिक स्पष्टीकरण:

  • पुस्तक विमोचन का कार्यक्रम: हाल ही में संपन्न हुई NCP की बैठक पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि वह आयोजन केवल चित्ररंजन पुरंदरे की पुस्तक के विमोचन हेतु था, उसमें दलों के विलय को लेकर कोई विचार-विमर्श नहीं हुआ।

  • रोहित पवार पर बयान: एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार से जुड़े सवाल पर भुजबल ने संक्षेप में कहा कि उनके और रोहित के मध्य लंबे समय से कोई संवाद नहीं हुआ है।

⚖️ जाति सत्यापन और नेपाल बाढ़ आपदा पर छगन भुजबल की दो टूक राय

आरक्षण और पड़ोसी देश की स्थिति:

  • मनोज जरांगे और जाति सत्यापन: मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील के संदर्भ में बोलते हुए भुजबल ने आगाह किया कि यदि जाति सत्यापन (Caste Verification) की वैधानिक प्रक्रिया को समाप्त किया गया, तो आरक्षित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

  • नेपाल बाढ़ पर नजर: नेपाल में आई भीषण बाढ़ की विभीषिका पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और राहत प्रयासों पर पूरी नजर बनाए हुए है।

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