नरवर किले से चोरी हुई 400 साल पुरानी अष्टधातु की तोप: राजस्थान के बीहड़ों में मेटल डिटेक्टर से तलाश

मध्य प्रदेश

शिवपुरी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक नरवर किले से चोरी हुई करीब 400 वर्ष पुरानी और 3.5 टन वजनी अष्टधातु की ऐतिहासिक तोप को बरामद करने के लिए पुलिस की व्यापक स्तर पर धरपकड़ जारी है।

घटना के 20 दिन बीत जाने के बावजूद तोप का कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है। क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और प्रतिष्ठा से जुड़े इस संवेदनशील मामले को सुलझाने के लिए शिवपुरी पुलिस अब राजस्थान के करौली जिले के बीहड़ों में मेटल डिटेक्टर के सहारे जमीन की खुदाई कर संभावित ठिकानों को खंगाल रही है।

⚔️ अब महज चोरी नहीं… क्षेत्रीय सम्मान और ऐतिहासिक प्रतिष्ठा का बना सवाल

मामले की गंभीरता और अंतर-राज्यीय जांच:

  • बीहड़ों में छिपे होने की आशंका: पुलिस जांच के अनुसार, तोप को चुराने के बाद चंबल-करौली सीमा के बीहड़ क्षेत्रों में जमीन के नीचे दबाकर छिपाए जाने का गहरा संदेह है।

  • संयुक्त तलाशी अभियान: शिवपुरी पुलिस की विशेष जांच टीम राजस्थान पुलिस के समन्वय से करौली जिले के गांवड़ा मीणा गांव और आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चला रही है।

  • मेटल डिटेक्टर का प्रयोग: भारी धातु की मौजूदगी का पता लगाने के लिए आधुनिक मेटल डिटेक्टर और ग्राउंड पेनेट्रेटिंग टूल्स की मदद से संदेहास्पद स्थलों की जांच की जा रही है।

🚚 30 से अधिक बदमाशों ने रात के अंधेरे में दिया था वारदात को अंजाम

वारदात का घटनाक्रम और गिरफ्तारियां:

  • 14-15 जुलाई की रात धावा: पुलिस के अनुसार, 14 और 15 जुलाई 2026 की दरमियानी रात चार पहिया वाहनों और भारी उपकरणों के साथ आए 30 से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने नरवर किले के पिछले रास्ते से इस वजनी तोप को निकाला और ले भागे।

  • सीसीटीवी और साइबर सुराग: घटना के बाद खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने अमन मीणा और टिम्मू उर्फ मीणा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, किंतु तोप के अंतिम ठिकाने की पुष्टि नहीं हो सकी।

💧 पांचना बांध जल विवाद से जुड़े तार, तोप से उड़ाने की धमकी की भी जांच

साजिश के पीछे का संभावित विवाद:

  • 20 साल पुराना विवाद: करौली क्षेत्र में पांचना बांध का पानी गांवड़ा मीणा गांव को न मिलने के कारण पिछले दो दशकों से स्थानीय स्तर पर मीणा और गुर्जर समुदायों के बीच गतिरोध चल रहा है।

  • दहशत फैलाने की साजिश: खुफिया इनपुट के अनुसार, विवाद के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने विरोधी पक्ष को भयभीत करने के लिए बांध को उड़ाने की धमकी दी थी और उसी दौरान नरवर किले की ऐतिहासिक तोपों को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। पुलिस इस पहलू पर भी गहराई से साक्ष्य जुटा रही है।

🛡️ 400 साल पुरानी धरोहर की बरामदगी बनी चुनौती, कई टीमें तैनात

सुरक्षा और भावी कार्रवाई:

  • ऐतिहासिक धरोहर का महत्व: नरवर किले में स्थापित यह तोप मध्यकालीन अष्टधातु शिल्प और सैन्य इतिहास की अनूठी मिसाल मानी जाती है।

  • पुलिस की टीमें मुस्तैद: मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस की कई संयुक्त टीमें बीहड़ों के चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं ताकि इस अमूल्य राष्ट्रीय धरोहर को शीघ्र बरामद कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

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