NEET-NET विवाद के बाद NTA में बड़ा सुधार: 4 चरणों की स्क्रीनिंग से चुने जाएंगे नए सब्जेक्ट एक्सपर्ट

देश

नई दिल्ली: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) UG और यूजीसी नेट (UGC NET) के पेपर विवादों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में बुनियादी बदलाव तेज कर दिए हैं।

परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए NTA अब नए प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की नियुक्ति के लिए 4 स्तरीय पारदर्शी और सख्त स्क्रीनिंग प्रक्रिया लागू करने जा रहा है।

👥 NTA के विशेष पैनल में शामिल होंगे शिक्षक, निभाएंगे पेपर तैयार करने में अहम भूमिका

सब्जेक्ट एक्सपर्ट की नियुक्ति और पैनल से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • पैनल का गठन: NTA विभिन्न राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र तैयार करने के लिए देशभर के योग्य शिक्षकों को अपने विशेष पैनल में जोड़ेगा।

  • अस्थाई नियुक्ति: यह नियुक्ति अस्थाई आधार पर होगी, लेकिन चयनित विशेषज्ञ NTA के कोर पैनल का हिस्सा बनकर गोपनीय रूप से प्रश्न-पत्र सेट करने का कार्य करेंगे।

📑 आवेदन के साथ NOC और गोपनीयता घोषणा-पत्र जमा कराना अनिवार्य

आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए आवश्यक शर्तें:

  • देशभर से आवेदन: देशभर के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और संस्थानों के शिक्षक इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।

  • दस्तावेजी औपचारिकताएं: आवेदकों को अपने शैक्षणिक और सेवा रिकॉर्ड, पहचान पत्र के साथ-साथ हितों के टकराव (Conflict-of-Interest) और गोपनीयता का शपथ-पत्र जमा करना होगा।

  • नियोक्ता से NOC: वर्तमान संस्थान या नियोक्ता से प्राप्त ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा।

🔍 4 चरणों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया: ऐसे होगा विशेषज्ञों का चयन

चयन प्रक्रिया के प्रमुख चरण:

  • चरण 1 – दस्तावेजों और योग्यता की जांच: प्रारंभिक स्तर पर सभी आवेदनों, शैक्षणिक डिग्रियों और दस्तावेजों की बारीकी से स्क्रूटनी की जाएगी।

  • चरण 2 – विषय संबंधी मूल्यांकन: NTA द्वारा गठित विशेषज्ञ समितियां उम्मीदवार के शोध रिकॉर्ड, अध्यापन अनुभव, पेपर सेटिंग के पुराने अनुभव और विषय पर पकड़ का मूल्यांकन करेंगी।

  • चरण 3 – बैकग्राउंड वेरिफिकेशन: सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर आवेदक के बैकग्राउंड, सेवा इतिहास और किसी भी प्रकार के हितों के टकराव की विस्तृत जांच की जाएगी।

  • चरण 4 – औपचारिक पैनल में शामिल करना: तीनों चरणों में सफल अभ्यर्थियों को 3 वर्ष के लिए पैनल में शामिल किया जाएगा। इस दौरान ईमानदारी व निष्पक्षता की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर बिना देरी के पैनल से हटाने का प्रावधान रहेगा।

💰 15 दिनों की सेवा पर 40 हजार रुपये तक का मानदेय

कार्य अवधि और पारिश्रमिक का विवरण:

  • 10 प्रमुख परीक्षाएं: NTA एक शैक्षणिक सत्र में लगभग 10 राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करता है, जिनके प्रश्न-पत्र इसी पैनल द्वारा तैयार किए जाएंगे।

  • कार्य दिवस: पैनल में शामिल विशेषज्ञों से वर्ष में औसतन 15 दिनों की सेवा ली जाती है।

  • मानदेय: इस गोपनीय और विशेषज्ञ कार्य के बदले NTA द्वारा संबंधित विशेषज्ञों को 35,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये तक का मानदेय प्रदान किया जाता है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry