हिसार (हरियाणा): हिसार जिला अदालत परिसर की पार्किंग में गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद सोशल मीडिया पर फैली एक पोस्ट ने पूरे मामले में सनसनी मचा दी थी।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई पोस्ट में कुख्यात लॉरेंस गैंग द्वारा इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने का दावा किया जा रहा था। हालांकि, हिसार के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धान्त जैन ने इस दावे की आधिकारिक पड़ताल के बाद इसे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया है।
🚫 ‘दहशत फैलाने के लिए बनाई गई फर्जी पोस्ट’: SP सिद्धान्त जैन का बयान
पुलिस अधीक्षक ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को लेकर स्थिति स्पष्ट की:
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फर्जी अकाउंट की पुष्टि: एसपी सिद्धान्त जैन ने बताया कि पुलिस साइबर सेल की जांच में ऐसा कोई वास्तविक या सत्यापित अकाउंट नहीं मिला है, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि वारदात की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली है।
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भ्रम और डर पैदा करने की साजिश: उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक पोस्ट केवल समाज में डर, सनसनी और भ्रम पैदा करने के इरादे से वायरल की जाती हैं।
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नागरिकों से अपील: पुलिस ने आम जनता और मीडिया से अपील की है कि बिना आधिकारिक पुलिस पुष्टि के सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी दावे या पोस्ट को सच न मानें।
🚕 हत्यारा दिल्ली में चला रहा था कैब, कोर्ट ने भेजा 3 दिन के पुलिस रिमांड पर
गिरफ्तार शूटर की पृष्ठभूमि और पूछताछ के बिंदु:
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3 दिन का पुलिस रिमांड: अदालत परिसर में फायरिंग करने वाले गिरफ्तार मुख्य आरोपी को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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कैब ड्राइवर के रूप में पहचान: जांच में सामने आया है कि वारदात से पहले आरोपी दिल्ली में कैब ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था।
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आपराधिक रिकॉर्ड: पकड़े गए शूटर के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब यह खंगाल रही है कि दिल्ली में कैब चलाने के दौरान वह किन असामाजिक तत्वों के संपर्क में आया और उसे हत्या की सुपारी या निर्देश किसने दिए थे।
🎯 दूसरे शूटर की भी हुई पहचान, पुलिस की कई टीमें दे रही हैं दबिश
फरार आरोपी और साजिशकर्ताओं की तलाश तेज:
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दूसरे शूटर का सुराग: एसपी ने पुष्टि की है कि वारदात में शामिल दूसरे शूटर की सटीक पहचान कर ली गई है और उसका भी पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।
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गिरफ्तारी के प्रयास: फरार शूटर की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच और स्पेशल टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
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साजिश की कड़ियां: जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों शूटरों का तालमेल कैसे हुआ, उन्हें हथियार किसने मुहैया कराए और कोर्ट के भीतर रेकी किसने की थी।
🔍 रिमांड के दौरान खुलेगी पूरी साजिश, वायरल पोस्ट बनाने वाले पर भी होगी कार्रवाई
आगामी पुलिसिया कार्रवाई और जांच की दिशा:
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हथियारों का नेटवर्क: 3 दिन के रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से यह उगलवाएगी कि हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार कहां से खरीदे गए और वारदात के बाद भागने की क्या योजना थी।
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साइबर जांच: सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग के नाम से फर्जी पोस्ट तैयार करने और उसे सर्कुलेट करने वाले साइबर हैंडलर्स के खिलाफ भी आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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