धीरेंद्र शास्त्री का Gen-Z पर बड़ा बयान: न रुकती है न झुकती है ये पीढ़ी; तेज गति के साथ सही दिशा भी जरूरी

मध्य प्रदेश

नई दिल्ली: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री  इस दौरान उन्होंने समसामयिक विषयों, सामाजिक मुद्दों और देश की नई पीढ़ी (Gen-Z) को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि Gen-Z वह पीढ़ी है जो सब कुछ समझती है। इस पीढ़ी की सोचने और काम करने की गति बेहद तेज है, उनका कार्यशैली का तरीका अलग है और अपने अधिकार मांगने का जोश भी अद्वितीय है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत युवाओं का देश है और देश को आजादी दिलाने में भी युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका रही है। आज की युवा पीढ़ी न तो रुकती है और न ही झुकती है।

🧭 ‘तेज गति के साथ सही दिशा भी जरूरी’, धीरेंद्र शास्त्री बोले—मैं मन से पूरा Gen-Z हूं

युवाओं को ऊर्जा के सही इस्तेमाल की सीख देते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:

  • दिशा और गति का संतुलन: उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में तेज गति से आगे बढ़ना अच्छा है, लेकिन यह याद रखना बेहद जरूरी है कि हमें आखिर जाना कहां है। तेज रफ्तार के साथ सही दिशा का ज्ञान होना अनिवार्य है।

  • खुद को बताया Gen-Z: उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वे खुद मन से पूरी तरह Gen-Z हैं। यह पीढ़ी अपने विचारों के प्रभाव में सबको रंगने का माद्दा रखती है। आज युवा जिस दिशा में रुख करते हैं, समाज उधर ही चल पड़ता है, यही युवाओं की असली ताकत है।

🗣️ भाषा नहीं पर भावनाएं समझता हूं: ‘विचार नए हों पर संस्कार पुराने’

Gen-Z की आधुनिक भाषा और स्लैंग्स समझने के सवाल पर उन्होंने बेहद संतुलित उत्तर दिया:

  • भावनाओं से जुड़ाव: धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भले ही वे आधुनिक युवाओं की बोलचाल की पूरी भाषा न समझ पाएं, लेकिन वे उनकी भावनाओं और शब्दों के पीछे के मर्म को भली-भांति समझते हैं।

  • संस्कारों की रक्षा: उन्होंने युवाओं को विशेष संदेश दिया कि वे इस बात का सदैव ध्यान रखें कि उनके विचार आधुनिक और नए हों, लेकिन जीवन मूल्य और संस्कार सनातन व पुराने होने चाहिए।

  • भटकाव से बचाव: उन्होंने आगाह किया कि यदि संस्कारों की जड़ें मजबूत नहीं होंगी तो युवा किसी के हाथों का खिलौना बन सकते हैं। साथ ही उन्होंने इस पीढ़ी को अध्यात्म और कथा-प्रेमी बनने की भी सलाह दी।

🇮🇳 ‘विरोध करते-करते तिरंगे का विरोध न करें’, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दी सलाह

देश में होने वाले विरोध-प्रदर्शनों और जंतर-मंतर के माहौल पर पूछे गए सवाल का उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया:

  • मर्यादा में रखें बात: धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात और मांग रखने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है, लेकिन अपनी बात रखते समय मर्यादा और अनुशासन का पालन करना जरूरी है।

  • राष्ट्र प्रथम का संकल्प: उन्होंने युवाओं से स्पष्ट आह्वान किया कि हमें समय के साथ जरूर बदलना चाहिए, लेकिन इतना भी नहीं बदलना कि उसका देश की अस्मिता पर कोई दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट) पड़े। किसी भी व्यक्ति या व्यवस्था का विरोध करते-करते कभी भी देश और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान नहीं होना चाहिए।

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