80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासियों को दी बधाई

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नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया। संबोधन की शुरुआत में राष्ट्रपति ने समस्त देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कुछ ही घंटों में देश की आजादी के 80वें गौरवशाली वर्ष का शुभारंभ होने जा रहा है। राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता के समय देश के समक्ष मौजूद एकीकरण की गंभीर चुनौतियों को याद करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल देश की एकता के सच्चे शिल्पकार थे। आज भारत आत्मविश्वास के साथ आधुनिक और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है और हमारे मेधावी छात्र व युवा भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं।

🛡️ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सेना के पराक्रम का उल्लेख, सिंधु जल संधि निलंबन को बताया ऐतिहासिक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य की मुक्तकंठ से सराहना की।

उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने सीमा पार सक्रिय आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध सटीक और निर्णायक प्रहार करने की भारतीय सशस्त्र बलों की आधुनिक सैन्य क्षमता को विश्व पटल पर साबित किया है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद को पनाह और बढ़ावा देने वाले पड़ोसी देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करने का निर्णय राष्ट्रीय हित में, विशेषकर देश के अन्नदाता किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक साहसिक व निर्णायक कदम है।

⚔️ आतंकियों और उनके संरक्षकों को दो टूक चेतावनी, देश को नक्सल-मुक्त बनाना बड़ी उपलब्धि

आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा कि आतंकवादी और उनके आका चाहे दुनिया के किसी भी कोने में छिपे हों, उन्हें अपने कुकृत्यों का अंजाम भुगतना ही पड़ेगा।

इसके साथ ही, राष्ट्रपति ने आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलताओं को एक महान राष्ट्रीय उपलब्धि करार दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में तेजी से हो रहे समग्र विकास, सड़क-संचार तंत्र के विस्तार और जनजातीय समाज की मुख्यधारा व सांस्कृतिक भागीदारी का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद भारत की विकास दर वैश्विक औसत विकास दर की तुलना में दोगुनी से भी अधिक गति से आगे बढ़ रही है।

📱 विश्वभर में बज रहा भारत के डिजिटल लेन-देन का डंका, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले

डिजिटल प्रगति और सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आज पूरी दुनिया में होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन (डिजिटल वित्तीय लेन-देन) का लगभग आधा हिस्सा अकेले भारत में हो रहा है।

उन्होंने रेखांकित किया कि बीते एक दशक में समावेशी विकास (Inclusive Growth) और सामाजिक सुरक्षा की सशक्त नीतियों के चलते देश के 25 करोड़ से अधिक नागरिक बहुआयामी गरीबी के दायरे से सफलतापूर्वक बाहर निकल चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत 80 करोड़ से अधिक जरूरतमंद लाभार्थियों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराकर देश में व्यापक स्तर पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

👮‍♂️ तीनों सेनाओं, पुलिस जवानों और वैश्विक मंच पर भारत का मान बढ़ाने वालों की सराहना

राष्ट्रपति ने राष्ट्र की संप्रभुता, अखंडता और आंतरिक शांति की रक्षा में तत्पर थल सेना, नौसेना, वायुसेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और विभिन्न राज्यों के पुलिस कर्मियों की कर्तव्य-निष्ठा और सर्वोच्च बलिदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने दुनिया के अलग-अलग मंचों पर भारत की साख, प्रतिष्ठा और गौरव को बढ़ाने वाले प्रवासी भारतीयों तथा विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में पूरी निष्ठा के साथ कार्यरत राजनयिकों व नागरिकों के योगदान की भी सराहना की।

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