राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें: शाहजहांपुर की दो संपत्तियां होंगी नीलाम, सेंट्रल बैंक का ₹16.61 करोड़ का बकाया

मनोरंजन

शाहजहांपुर/मुंबई: प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी एवं आर्थिक परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विगत लंबे समय से चेक बाउंस (Check Bounce) के मामलों में कानूनी कार्यवाहियों का सामना कर रहे राजपाल यादव अब एक नई भारी मुसीबत में घिरते दृष्टिगोचर हो रहे हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) की मुंबई शाखा ने राजपाल यादव की उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित दो प्रमुख संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ करने हेतु नोटिस चस्पा कर दिया है। यह संपूर्ण मामला बैंक से वृहद धनराशि का ऋण (Loan) लेकर निर्धारित समयावधि में न चुकाने से संबद्ध है।

🏦 सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का ₹16.61 करोड़ का बकाया, ₹3.19 करोड़ मूल्य की संपत्तियों पर चस्पा हुआ नोटिस

ऋण वसूली एवं वित्तीय समायोजन हेतु सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई मुख्य शाखा की ओर से राजपाल यादव की दो अचल संपत्तियों पर नीलामी का वैधानिक नोटिस चिपकाया गया है।

प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, राजपाल यादव पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का कुल 16 करोड़ 61 लाख 64 हजार रुपये का ऋण बकाया है। बकाया धनराशि की पुनर्गणना एवं वसूली हेतु बैंक ने अभिनेता की दो अचल संपत्तियों को नीलाम करने का निर्णय लिया है। इनमें से एक मुख्य संपत्ति शाहजहांपुर शहर के भीतर अवस्थित है, जबकि दूसरी संपत्ति शाहजहांपुर के ग्रामीण अंचल में स्थित है।

📜 शाहजहांपुर पहुंचे बैंक के रिकवरी अधिकारी, 9 सितंबर 2026 से शुरू होगी ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया

बैंक के अधिकृत रिकवरी अधिकारी एवं विधिक टीम नीलामी का सार्वजनिक नोटिस जारी करने हेतु शाहजहांपुर पहुँची तथा नियमानुसार दोनों संपत्तियों के मुख्य प्रवेश द्वारों पर नोटिस चस्पा किया।

बताया जा रहा है कि बैंक द्वारा नीलाम की जाने वाली इन दोनों संपत्तियों का कुल वर्तमान मूल्यांकन लगभग 3 करोड़ 19 लाख रुपये है। इन संपत्तियों की पारदर्शी नीलामी हेतु ऑनलाइन ई-ऑक्शन (E-Auction) की प्रक्रिया आगामी 9 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगी। शाहजहांपुर की इन दो संपत्तियों के अतिरिक्त, बैंक प्रबंधन मुंबई स्थित उनकी कतिपय अन्य संपत्तियों के विरुद्ध भी कुर्की एवं नीलामी की कानूनी कार्यवाही करने की रूपरेखा बना रहा है।

🎬 ‘अता पता लापता’ फिल्म निर्माण हेतु लिया था बैंक लोन, पत्नी व मां की प्रॉपर्टी बनाई गई थी गारंटर

विधिक सूत्रों के अनुसार, राजपाल यादव ने वर्ष 2012 में अपनी स्व-निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण हेतु वित्तीय संस्थानों एवं बैंकों से भारी कर्ज लिया था।

तथापि, बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म बुरी तरह असफल (Flop) साबित हुई, जिसके कारण राजपाल यादव को अत्यधिक आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इसी फिल्म के निर्माण से जुड़े वित्तीय लेन-देन के चलते वे दिल्ली की अदालत में चेक बाउंस मामले में भी कानूनी शिकंजे में फंसे थे, जिसके अंतर्गत उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भी जाना पड़ा था। राजपाल यादव ने यह लोन लेते समय अपनी धर्मपत्नी राधा यादव एवं पूज्य माता गोदावरी यादव की संपत्तियों को गारंटर (Guarantor) के रूप में बैंक के समक्ष बंधक रखा था। बैंक द्वारा जारी नोटिस से स्पष्ट है कि यदि निर्धारित समयावधि में बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया जाता, तो इन संपत्तियों का हस्तांतरण नीलामी द्वारा कर दिया जाएगा। इस संपूर्ण प्रकरण पर फिलहाल राजपाल यादव या उनके विधिक प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक वक्तव्य सामने नहीं आया है।

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