श्री सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ावे का नया कीर्तिमान: 5 वर्षों में मिले 962 करोड़ रुपये, जानें क्यों भक्त बनाते हैं प्रभु को ‘बिजनेस पार्टनर’

राजस्थान

चित्तौड़गढ़ (राजस्थान): राजस्थान के मेवाड़ अंचल में स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर संपूर्ण देश में सनातन आस्था एवं अटूट विश्वास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

मंदिर परिसर में उमड़ती श्रद्धालुओं की विशाल संख्या के साथ-साथ दान राशि में भी प्रतिवर्ष नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। बीते पांच वर्षों की अवधि में सांवलिया सेठ प्रभु के भंडार में 962 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा प्राप्त हुआ है, जो देश के अग्रणी एवं शीर्ष धार्मिक स्थलों में इसकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता को प्रमाणित करता है।

📈 वर्ष-दर-वर्ष बढ़ता गया चढ़ावा, 2025-26 में मिले सर्वाधिक 337.66 करोड़ रुपये

श्री सांवलिया सेठ मंदिर मंडल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान मंदिर को कुल 962 करोड़ 8 लाख 92 हजार 44 रुपये की दान राशि प्राप्त हुई है।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में मंदिर को 100 करोड़ रुपये से अधिक का दान प्राप्त हुआ था, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 134.85 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। इसके उपरांत वर्ष 2024-25 में दान का आंकड़ा 235.96 करोड़ रुपये पार कर गया, जबकि वर्ष 2025-26 में मंदिर को 337.66 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड चढ़ावा प्राप्त हुआ है।

💰 मात्र तीन महीनों में आया 153.59 करोड़ रुपये का दान, भक्तों ने चढ़ाया 35 किलो से अधिक सोना

चालू वित्तीय वर्ष में भी दान की रफ्तार अत्यंत तीव्र है। अप्रैल से जुलाई माह के मध्य ही मंदिर के भंडार एवं भेंट कक्षों से 153.59 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हो चुकी है।

नकद राशि के अतिरिक्त देश-विदेश के श्रद्धालु प्रभु के चरणों में भारी मात्रा में सोना एवं चांदी भी समर्पित कर रहे हैं। अप्रैल 2023 से मार्च 2026 की अवधि के मध्य मंदिर को लगभग 35 किलोग्राम 313 ग्राम सोना तथा 3895 किलोग्राम शुद्ध चांदी प्राप्त हुई। वहीं, चालू वित्त वर्ष के प्रथम चार महीनों में ही 4 किलो 273 ग्राम सोना और 386 किलो से अधिक चांदी श्रद्धालुओं ने सादर भेंट की है।

🏛️ आषाढ़ माह में रचा गया नया इतिहास, गणना प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष व्यवस्था

इस बार आषाढ़ मास के भंडारे की गणना ने भी नया इतिहास रचा है।

केवल एक ही माह के दौरान मंदिर के मुख्य भंडार, आधिकारिक भेंट कक्ष तथा डिजिटल ऑनलाइन माध्यमों से 38 करोड़ 23 लाख रुपये से अधिक का नकद दान प्राप्त हुआ। इसके साथ ही 1.148 किलोग्राम सोना और 103.497 किलोग्राम चांदी भी समर्पित की गई। मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि लगातार बढ़ती दान राशि को दृष्टिगत रखते हुए गणना प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी और सुरक्षित बनाने हेतु नई टेबल व्यवस्था, हाई-टेक सीसीटीवी (CCTV) निगरानी प्रणाली तथा विशेष सुरक्षा ऑडिट कराया जा रहा है।

🤝 ‘बिजनेस पार्टनर’ मानते हैं देश के हजारों व्यापारी, मुनाफे का हिस्सा करते हैं समर्पित

श्री सांवलिया सेठ मंदिर में इस विशालकाय चढ़ावे के पीछे एक अनूठी और अद्भुत धार्मिक मान्यता निहित है।

देशभर के हजारों छोटे-बड़े व्यापारी एवं उद्योगपति श्री सांवलिया सेठ जी को अपने व्यापार में प्रत्यक्ष ‘बिजनेस पार्टनर’ (व्यापारिक साझेदार) मानते हैं। व्यापार एवं कारोबार में होने वाले शुद्ध मुनाफे का एक निश्चित तय हिस्सा वे मंदिर के दानपात्र में नियमित रूप से अर्पित करते हैं। इसी अटूट श्रद्धा और गहरी आस्था के बलबूते श्री सांवलिया सेठ धाम आज भारत के सबसे तेजी से उभरते हुए प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्रों में शुमार हो चुका है।

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