कांकेर (छत्तीसगढ़): उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम हिंगनझर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही के कारण एक मजदूर के जिंदा मिट्टी में दफन होने की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित मजदूर नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन कनेक्शन जोड़ने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे जेसीबी (JCB) चालक की घोर लापरवाही के चलते मजदूर की मौके पर ही मिट्टी के नीचे दबकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के पूरे 4 दिन बाद रविवार को संबंधित स्थान पर दोबारा खुदाई कराकर मजदूर का शव बाहर निकाला जा सका।
⏳ 28 जुलाई की है घटना, संभलने और चीखने तक का नहीं मिला मौका; साथियों को नहीं लगी भनक
दर्दनाक हादसा बीते 28 जुलाई का बताया जा रहा है। ग्राम हिंगनझर निवासी 30 वर्षीय मजदूर रामदेव आंचला पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई नाली के भीतर उतरकर घरेलू कनेक्शन जोड़ने का कार्य कर रहा था।
इसी दौरान पीछे से गड्ढा पटाई (बैकफिलिंग) कर रहे जेसीबी चालक ने बिना कोई जांच-पड़ताल किए अनजाने में सीधे उसी स्थान पर भारी मात्रा में मिट्टी डाल दी। संकरे गड्ढे में मौजूद रामदेव को संभलने, बाहर निकलने या मदद के लिए आवाज लगाने तक का अवसर नहीं मिला और वह पलक झपकते ही जिंदा मिट्टी के नीचे दब गया। हादसे के वक्त अन्य साथी मजदूर घटनास्थल से करीब 20 से 40 मीटर की दूरी पर काम में व्यस्त थे, जिससे किसी को भी इस भयावह हादसे की भनक तक नहीं लग सकी।
📲 दोपहर को भोजन के लिए नहीं पहुंचा मजदूर, पुलिस में दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
दोपहर के भोजन (लंच ब्रेक) के समय जब रामदेव अपने साथियों के साथ खाना खाने नहीं पहुंचा, तो साथी मजदूरों ने उसकी खोजबीन शुरू की।
शुरुआत में उसके मोबाइल नंबर पर घंटी जाती रही, लेकिन कुछ समय बाद फोन बंद आने लगा। अनहोनी की आशंका से ग्रसित परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन रामदेव का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अंततः परिजनों ने कच्चे पुलिस चौकी पहुंचकर रामदेव की गुमशुदगी की औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई।
⚠️ बैठी हुई अवस्था में मिला मजदूर का शव, मंजर देखकर दहल उठे ग्रामीण
गुमशुदगी की शिकायत मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से तफ्तीश शुरू की।
पुलिस ने स्थानीय सरपंच और ग्रामीणों की मौजूदगी में उस सटीक स्थान पर दोबारा जेसीबी से खुदाई कराने का निर्णय लिया, जहां से रामदेव अंतिम बार लापता हुआ था। लगभग 10 मीटर की गहराई तक खुदाई करने के उपरांत गड्ढे के भीतर रामदेव का शव बैठी हुई अवस्था (Sitting Posture) में बरामद हुआ। मिट्टी के नीचे दबे शव का यह वीभत्स मंजर देखकर मौके पर मौजूद सभी लोगों के होश उड़ गए।
🚔 आक्रोशित ग्रामीणों ने जेसीबी ड्राइवर को पीटा, पुलिस जांच में सुरक्षा मानकों की उड़ी धज्जियां
गड्ढे से शव बाहर निकलते ही उपस्थित ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर मौजूद जेसीबी चालक के साथ हाथापाई करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
मौके पर तैनात पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप कर चालक को सुरक्षित घेरे में लेकर हिरासत में लिया और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। आरोपी जेसीबी चालक विजय राजपूत ने पुलिस को दी अपनी सफाई में कहा कि, “वह दूसरी दिशा से नाली भरते हुए आगे बढ़ रहा था और उसे गड्ढे के भीतर किसी के होने की जानकारी नहीं थी।”
पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम हेतु भानुप्रतापपुर अस्पताल भेज दिया है, जिसके उपरांत पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा जाएगा। फिलहाल पुलिस और संबंधित प्रशासनिक विभाग पूरे मामले की गहन वैधानिक जांच में जुट गए हैं। इस भयावह हादसे ने नल-जल योजना के निर्माण कार्यों में ठेकेदारों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad