कांकेर जिले के मरकाटोला लैम्पस अंतर्गत तालाकुर्रा धान खरीदी केंद्र में 3848 क्विंटल धान की हेराफेरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस बड़े घोटाले के विरोध में जिला कांग्रेस और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के नेतृत्व में मरकाटोला में राज्य राजमार्ग पर चक्का जाम किया गया। कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन कर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
🛣️ चक्का जाम से बाधित रहा मार्ग
निर्धारित समय तक चले इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान राज्य राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित रही। विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं और भारी संख्या में मौजूद किसानों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
📢 ‘छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा न बनाए सरकार’
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष बसंत यादव ने कहा कि केवल तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े अधिकारियों को बचाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, उपाध्यक्ष बिरेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार जांच को छोटे स्तर तक सीमित रखकर मुख्य जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री नरेश ठाकुर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावों के बावजूद इतने बड़े घोटाले में बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई न होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
⚖️ कांग्रेस की प्रमुख मांगें
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लोमेन्द्र यादव ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और व्यापक बनाया जाएगा। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं:
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3848 क्विंटल धान हेराफेरी मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो।
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सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाए।
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निगरानी रखने वाले बड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उन्हें भी आरोपी बनाया जाए।
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किसानों के साथ हुए इस अन्याय का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
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