रतलाम में इंदौर फोरलेन पर सोमवार तड़के एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें बाल चिकित्सालय में पदस्थ डॉ. मनीष सिंह और उनके 80 वर्षीय ससुर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। डॉ. मनीष सिंह का परिवार भोपाल से रतलाम लौट रहा था, तभी बिलपांक टोल के समीप यह हादसा घटित हुआ। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और टोल कर्मचारियों की मदद से घायलों को कार से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
💤 ड्राइवर को झपकी आने से अनियंत्रित हुई कार
बिलपांक थाना प्रभारी अयूब खान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। संभवतः ड्राइवर को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ है। टक्कर इतनी भीषण थी कि लग्जरी कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फिलहाल सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
⚠️ ब्लैक स्पॉट बना बिलपांक टोल क्षेत्र
रतलाम-इंदौर फोरलेन पर बिलपांक नाके और प्रकाश नगर पुलिया के बीच का हिस्सा दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात है। सड़क के घुमावदार होने के कारण इस 5 किमी लंबे हिस्से पर अब तक सैकड़ों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। घटना की सूचना मिलने के बाद बिलपांक थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
🛡️ सीट बेल्ट ने बचाई ड्राइवर की जान
इस भीषण कार हादसे में डॉक्टर मनीष सिंह और उनके ससुर ने दम तोड़ दिया, लेकिन कार चला रहे ड्राइवर की जान बाल-बाल बच गई। पुलिस के अनुसार, ड्राइवर ने सीट बेल्ट पहना हुआ था, जिसने उसे बड़ी चोट से बचा लिया। हालांकि, गंभीर हालत के कारण उसे भी तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
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