अयोध्या: राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में कानूनी घेरा और सख्त होता जा रहा है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया है कि एसोसिएशन का कोई भी वकील इन 8 आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा। आज इन सभी आठों अभियुक्तों की रिमांड अवधि समाप्त हो रही है और इन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
📋 रिमांड अवधि और पुलिस की छापेमारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 25 जून को दर्ज FIR के बाद पुलिस तेजी से कार्रवाई कर रही है। रविवार को मुख्य आरोपी राम शंकर यादव उर्फ ‘टिन्नू’ सहित अन्य आरोपियों के पैतृक घरों पर पुलिस ने छापेमारी कर ज्वैलरी, नकद और महत्वपूर्ण संपत्ति दस्तावेज बरामद किए हैं। कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस द्वारा आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग की जा सकती है।
⏳ देरी से FIR और SIT की भूमिका
मामले में सामने आया है कि 4 जून को चोरी की जानकारी मिलने के बावजूद पहली FIR 25 जून को दर्ज हुई। हालांकि, 8 जून तक लगभग 79.85 लाख रुपये रिकवर कर लिए गए थे। ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित SIT इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है। इस बीच, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद मामला और अधिक चर्चाओं में है।
🗣️ चंदा चोरी पर अखिलेश यादव और CM योगी में जुबानी जंग
राम मंदिर चंदे में गबन को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लिए ‘राष्ट्र प्रथम’ नहीं ‘चंदा प्रथम’ है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव केवल धार्मिक बनने का दिखावा कर रहे हैं और उन्हें श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
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