यमुनानगर: शहर में सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सिंचाई विभाग ने आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग की जेसीबी ने दादूपुर पुल के समीप सड़क किनारे बने करीब 15 अवैध खोखों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल रहा और प्रभावित दुकानदारों ने विरोध भी दर्ज कराया।
📉 दुकानदारों का दर्द: 30 साल पुरानी आजीविका पर संकट
कार्रवाई का विरोध कर रहे दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से यहां अपनी आजीविका चला रहे थे। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा की गई इस अचानक कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। दुकानदारों के अनुसार, प्रति खोखा उन्हें करीब 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है, जिससे उनका परिवार संकट में आ गया है।
📋 विभाग का रुख: नियमों के तहत की गई कार्रवाई
सिंचाई विभाग के एसडीओ अजय कटारिया ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग वर्ष 2024 से लगातार नोटिस जारी कर रहा था। इतना ही नहीं, चार दिन पूर्व भी मुनादी करवाकर अतिक्रमणकारियों को स्वयं जगह खाली करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन आदेशों की अनदेखी के कारण विभाग को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
⚠️ पक्की दुकानों को भी 15 दिन का अल्टीमेटम
सिंचाई विभाग ने केवल खोखों तक ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि दादूपुर पुल के पास सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा जमाए बैठी पक्की दुकानों को भी 15 दिन का अंतिम नोटिस थमा दिया है। विभाग ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो उन पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में अवैध कब्जा करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
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