डोंबिवली: शिवसेना सांसद संजय दिना पाटिल द्वारा कथित तौर पर दिए गए एक विवादित बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सांसद पर पत्रकारों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने और ‘बम से उड़ा देने’ जैसी धमकी देने का आरोप है। इस मामले को लेकर उद्धव ठाकरे गुट ने डोंबिवली पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
⚖️ ठाकरे गुट का कड़ा रुख, जांच की मांग
ठाकरे गुट के कल्याण लोकसभा जिलाध्यक्ष अभिजीत सावंत ने अपनी शिकायत में मांग की है कि सांसद के बयानों की उच्चस्तरीय जांच हो। उनका कहना है कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा ‘पांच हत्याओं’ का जिक्र करना और बम का नाम लेना बेहद गंभीर विषय है। ठाकरे गुट ने मांग की है कि अगर बम जैसी कोई बात है, तो पुलिस तुरंत उसका पर्दाफाश करे।
🏛️ सीएम और डिप्टी सीएम की बैठक, ली गंभीरता से बात
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। गठबंधन सरकार के दोनों शीर्ष नेताओं का मानना है कि ऐसे बयानों से महायुति की छवि धूमिल होती है। खबरों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच इस पर चर्चा हुई है और सांसद को सख्त चेतावनी देने पर सहमति बनी है।
✍️ पत्रकारों का संगठन हुआ आक्रामक
मंत्रालय और विधिमंडल वार्ताहर संघ ने भी सांसद की भाषा को लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि संजय पाटिल सार्वजनिक रूप से पत्रकारों से माफी नहीं मांगते हैं, तो सरकार को उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, हिंगोली समेत राज्य के कई जिलों में ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं ने सांसद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर उनका पुतला जलाया है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad