श्योपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार शाम मध्य प्रदेश के जबलपुर से श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने चीता मैनेजमेंट एरिया का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रोजेक्ट चीता की प्रगति को लेकर जानकारी ली। राष्ट्रपति के आगमन पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने उनकी अगवानी की। वे जबलपुर में योग दिवस और विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद विशेष विमान और हेलीकॉप्टर के जरिए कूनो पहुंचीं।
📊 प्रोजेक्ट चीता: बोत्सवाना से कूनो तक का सफर
राष्ट्रपति ने कूनो के अधिकारियों से प्रोजेक्ट ब्रीफिंग ली। उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा की गई जानकारी के अनुसार, नवंबर 2025 में राष्ट्रपति की बोत्सवाना यात्रा के दौरान उन्हें आठ चीते सांकेतिक रूप से सौंपे गए थे, जो फरवरी 2026 में कूनो लाए गए। यह प्रोजेक्ट भारत की बायोडायवर्सिटी को बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
🔍 चीता कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण
राष्ट्रपति ने चीता कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी दौरा किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से चीतों की निगरानी, ट्रैकिंग और उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की। चीता सफारी वाली जैकेट और कैप पहने राष्ट्रपति ने कूनो के पारिस्थितिक तंत्र को करीब से समझने में गहरी रुचि दिखाई।
🐒 सोमवार को जंगल सफारी और चीता मित्रों से संवाद
सोमवार, 22 जून को राष्ट्रपति कूनो के जंगलों में सफारी करेंगी और चीतों को करीब से देखेंगी। फिलहाल कूनो में 49 चीते मौजूद हैं। राष्ट्रपति चीतों के विकास, रहन-सहन और उनकी बढ़ती तादाद पर विस्तृत जानकारी लेंगी। इसके अलावा, वे कूनो में कार्यरत ‘चीता मित्र’, गाइड, ट्रैकिंग टीम और सफारी चालकों से भी मुलाकात करेंगी, जो जमीन पर इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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