इंदौर: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने साढ़े 3 साल की एक मासूम बच्ची की जान बचाने के लिए एक मानवीय और सख्त रुख अपनाया है। बच्ची ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी’ (SMA) नामक एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी से पीड़ित है, जिसके उपचार हेतु अमेरिका से मंगाए जाने वाले एक इंजेक्शन की कीमत 9 करोड़ रुपये है।
💉 डेढ़ करोड़ का है अभी भी फासला
पिछले तीन महीनों से बच्ची के परिजन और शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन फंड जुटाने में लगे हैं। अब तक करीब साढ़े 7 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, लेकिन अभी भी डेढ़ करोड़ रुपये की आवश्यकता है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता चंचल गुप्ता और लखन शर्मा ने कोर्ट को अवगत कराया कि परिजन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं और बच्ची का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है।
👩⚖️ हाई कोर्ट की सरकार को तल्ख टिप्पणी
याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से सीधा सवाल किया, “क्या यह बच्ची मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार की ‘लाड़ली बहना’ नहीं है?” कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ एम्स (AIIMS) को भी पक्षकार बनाया है और बच्ची के इलाज के लिए जल्द से जल्द उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
🤝 सोनू सूद भी बढ़ा चुके हैं मदद के हाथ
इस मासूम की स्थिति को देखते हुए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद भी मदद के लिए आगे आए हैं। बच्ची वर्तमान में लिक्विड डाइट पर है और इंजेक्शन लगाने के लिए उसका वजन एक निर्धारित सीमा में रहना अनिवार्य है। अब सभी की निगाहें 7 दिन बाद होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे बच्ची के उपचार का रास्ता साफ होने की उम्मीद जगी है।
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