उज्जैन: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक खुशखबरी है। उज्जैन कृषि उपज मंडी में फसल की ग्रेडिंग, सफाई और पैकेजिंग करने वाला आधुनिक सार्टेक्स ग्रेडिंग प्लांट बनकर तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द ही इसका लोकार्पण करेंगे। यह मध्य प्रदेश का पहला ऐसा प्लांट है, जहाँ शुरुआती दौर में किसानों के लिए यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क होगी।
⚙️ क्या है इस आधुनिक प्लांट की क्षमता?
1.80 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट की क्षमता 10 टन प्रति घंटा है। मंडी सचिव राजेश गोयल ने बताया कि इस प्लांट में मशीनों के जरिए पूरी प्रक्रिया की जाएगी, जिससे उपज की गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार होगा। मशीनरी पर लगभग 1.50 करोड़ और सिविल कार्यों पर 30 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसका उद्देश्य सोयाबीन के आगामी सीजन में किसानों को सीधा फायदा पहुँचाना है।
💰 ग्रेडिंग से होगा किसानों का मुनाफा
किसान अजय पटेल ने बताया कि अभी तक फसल में मौजूद मिट्टी, भूसी और कंकड़-पत्थरों के कारण व्यापारी गुणवत्ता पर सवाल उठाकर कम दाम देते थे। अब इस प्रक्रिया के बाद:
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गेहूं: 150 से 200 रुपये प्रति क्विंटल अधिक भाव मिलने की संभावना है।
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सोयाबीन: 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल अधिक भाव मिल सकते हैं। अब किसानों को अलग से सफाई और पैकेजिंग पर खर्च नहीं करना पड़ेगा।
🛠️ जानिए कैसे काम करेगी मशीन?
यह प्लांट चार चरणों में फसल को शुद्ध करेगा:
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सफाई: पहले चरण में धूल, मिट्टी और भूसी को अलग किया जाएगा।
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छंटाई: छोटे और टूटे दानों को मशीन से अलग किया जाएगा।
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पत्थर की सफाई: आधुनिक ‘स्टोन सेपरेटर’ मशीन कंकड़-पत्थर पूरी तरह हटा देगी।
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वजन और पैकिंग: अंत में फसल का सटीक वजन कर उसकी पैकेजिंग की जाएगी, जिससे व्यापारी आसानी से गुणवत्ता पहचान कर उचित दाम दे सकेंगे।
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