सनातन धर्म में हर दिन किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह को समर्पित है। गुरुवार का दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित किया गया है। इस समय अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) चल रहा है, जो साक्षात भगवान विष्णु का माह है। जब पुरुषोत्तम मास में गुरुवार का संयोग बनता है, तो यह समय पूजा-अर्चना और दान के लिए अत्यंत शुभ हो जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से की गई पूजा जीवन में सुख-समृद्धि और धन-ऐश्वर्य में वृद्धि करती है।
🍌 गुरुवार के दिन अवश्य करें ये विशेष उपाय
भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गुरुवार के दिन निम्नलिखित उपाय करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है:
-
केले की पूजा: गुरुवार के दिन केले के वृक्ष की पूजा अवश्य करें। पूजा के दौरान केले की जड़ में कुछ चने की दाल, पीला फूल और पीला चंदन अर्पित करें। पेड़ पर कलावा (रक्षासूत्र) बांधें और भगवान विष्णु से सुख-समृद्धि की कामना करें।
-
विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ: अपने घर के पूजन स्थल पर बैठकर ‘विष्णु सहस्त्रनाम’ का कम से कम एक बार पाठ जरूर करें। इससे श्रीहरि प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण करते हैं।
-
पीली वस्तुओं का दान: गुरुवार के दिन पीली वस्तुओं का दान करना बहुत पुण्यदायी होता है। आप केला, पीली हल्दी, पीली सरसों, पीले वस्त्र या पीले रंग की मिठाई का दान कर सकते हैं।
-
कथा का पाठ: गुरुवार के दिन बृहस्पति देव की व्रत कथा का पाठ अवश्य करें या सुनें। ऐसा करने से दुर्भाग्य दूर होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
-
मंत्रों का जाप: पूजा के समय ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। यह मंत्र जप आपको मानसिक शांति और भगवान विष्णु की विशेष कृपा दिला सकता है।
संपादकीय टिप्पणी: क्या आप भी विशेष अवसरों पर धार्मिक अनुष्ठान करते हैं? इन उपायों को अपनाने से मन को शांति मिलती है। यदि आपके पास इस विषय से संबंधित कोई और प्रश्न है या आप किसी विशेष पर्व की पूजा विधि जानना चाहते हैं, तो कृपया पूछें।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad