Indore Pipeline Burst: महू में नर्मदा जल प्रदाय योजना की पाइपलाइन फटी; 150 फीट ऊपर उठा पानी का फव्वारा, लाखों लीटर बर्बाद

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू स्थित भेरू घाट में रविवार को नर्मदा जल प्रदाय योजना की मुख्य पाइपलाइन अचानक फटने से भीषण जल बर्बादी का मंजर देखने को मिला। पाइपलाइन के फटने की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। दबाव इतना अधिक था कि पानी का तेज फव्वारा करीब 150 फीट की ऊंचाई तक हवा में उछल रहा था।

🚧 जलमग्न हुआ क्षेत्र, लोगों में दहशत

पाइपलाइन से निकल रहे पानी के तेज बहाव ने देखते ही देखते आसपास के इलाकों को जलमग्न कर दिया। घरों और रास्तों में पानी भरने से स्थानीय लोग दहशत में आ गए और अपने सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की मशक्कत करते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह घटना किसी बड़े धमाके से कम नहीं थी।

⚠️ विभागीय लापरवाही और नागरिकों की नाराजगी

स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पाइपलाइन में लंबे समय से लीकेज था, जिसकी सूचना कई बार अधिकारियों को दी गई, लेकिन विभाग ने समय रहते इसे गंभीरता से नहीं लिया। मरम्मत में हुई इसी देरी के कारण लाखों लीटर कीमती नर्मदा जल सड़क पर बहकर बर्बाद हो गया। अब नागरिक इन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

💧 जलापूर्ति पर मंडराया संकट

पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण इंदौर के कई इलाकों में जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी संभावना है। गर्मी के इस मौसम में जब पहले ही पानी की किल्लत बड़ी चुनौती होती है, तब इस तरह की घटना लोगों के लिए और अधिक मुसीबत पैदा कर सकती है। विभाग ने देर शाम तक मरम्मत कार्य शुरू करने की बात कही है, लेकिन तब तक पानी की काफी बर्बादी हो चुकी है।

संपादकीय टिप्पणी: पेयजल प्रदाय जैसी महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। क्या आपको लगता है कि इस तरह के ‘क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर’ की नियमित निगरानी के लिए ‘थर्ड-पार्टी ऑडिट’ अनिवार्य किया जाना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।

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