गर्मियों में ठंडा पानी पीना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन क्या यह हमारे पाचन तंत्र (Digestive System) पर बुरा असर डालता है? सोशल मीडिया पर कई ऐसे दावे वायरल होते हैं कि ठंडा पानी पीने से खाना पचने में समस्या होती है या फैट जम जाता है। सर गंगाराम हॉस्पिटल के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा के अनुसार, ये महज एक मिथक है। शरीर में एक प्राकृतिक सिस्टम होता है, जो पानी को पेट में जाते ही शरीर के तापमान (Normal Temperature) के अनुसार ढाल देता है।
❌ पाचन को लेकर फैले मिथक
डॉ. अनिल अरोड़ा स्पष्ट करते हैं कि सामान्य रूप से ठंडा पानी पीने से पाचन को कोई नुकसान नहीं होता। फैट क्रिस्टलाइज होने या खाना सिकुड़ने जैसी बातें पूरी तरह से वैज्ञानिक आधार से परे हैं। पेट का स्वास्थ्य ठंडा पानी पीने से नहीं बिगड़ता, जब तक कि व्यक्ति पहले से ही किसी गंभीर गैस्ट्रिक समस्या से न जूझ रहा हो।
⚠️ किन बीमारियों में रखें सावधानी?
हालांकि, कुछ खास स्थितियों में ठंडा पानी नुकसानदेह हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को ‘इरिटेबल बाउल सिंड्रोम’ (IBS) जैसी पेट की बीमारी है, जिसमें संवेदनशीलता ज्यादा होती है, तो ठंडा पानी पीने से लक्षण बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, माइग्रेन, अस्थमा, साइनस के मरीजों और जिन्हें बार-बार गले में संक्रमण की समस्या होती है, उन्हें अत्यधिक ठंडे पानी से परहेज करना चाहिए।
✅ पानी पीने का सही तरीका
गर्मी में ठंडा पानी पीना गलत नहीं है, लेकिन इसका सही तरीका महत्वपूर्ण है:
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धूप से आते ही तुरंत ठंडा पानी न पिएं: इससे शरीर का तापमान अचानक गिर सकता है, जिससे सर्दी-जुकाम का खतरा रहता है।
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गटागट पानी न पिएं: पानी को धीरे-धीरे और घूंट-घूंट करके पिएं।
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सही तापमान का चुनाव: बहुत ज्यादा बर्फ वाले पानी (Ice cold water) की जगह मटके के सामान्य ठंडे पानी को प्राथमिकता दें।
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हाइड्रेशन का ध्यान: जरूरत पड़ने पर नींबू पानी या ओआरएस (ORS) मिलाकर पीना शरीर के लिए अधिक फायदेमंद होता है।
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