नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार के मद्देनजर प्रतिबंधित पशुओं के वध और उनकी कुर्बानी को लेकर एक बेहद कड़ा और बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि बकरीद के मौके पर गोवंश, गाय, बछड़ा और ऊंट की कुर्बानी देना पूरी तरह से गैर-कानूनी और प्रतिबंधित है। यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली की सड़कों, गलियों, पार्कों या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर खुले में पशुओं की कुर्बानी देना और गंदगी फैलाना पूरी तरह वर्जित है; केवल सरकार द्वारा निर्धारित और वैध स्थलों पर ही नियमों के तहत कुर्बानी की इजाजत होगी।
📜 पशु कल्याण कानूनों को सख्ती से लागू करने के निर्देश: अवैध पशु परिवहन और क्रूरता के मामलों में होगी त्वरित गिरफ्तारी
बकरीद के त्योहार के शांतिपूर्ण और स्वच्छ संचालन के मद्देनज़र विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने पशु कल्याण संबंधी राष्ट्रीय और राज्यीय कानूनों (Animal Welfare Laws) का जमीनी स्तर पर सख्त पालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। उच्च स्तरीय बैठक में गाय, बछड़े, ऊंट एवं अन्य सभी कानूनन प्रतिबंधित पशुओं की हत्या या कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध को हर हाल में लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि त्योहार की आड़ में होने वाले अवैध पशु परिवहन (Illegal Animal Transport), अनधिकृत बूचड़खानों में अवैध कुर्बानी और मूक पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में शामिल माफियाओं पर सीधे आपराधिक कार्रवाई की जाए। इसके लिए दिल्ली की सीमाओं और संवेदनशील इलाकों में पुलिस और पशु क्रूरता निवारण समिति की विशेष फ्लाइंग स्क्वाड टीमें तैनात कर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
🧼 सार्वजनिक स्वच्छता और नैतिक कर्तव्य पर मंत्री कपिल मिश्रा का जोर: अधिकृत स्थलों पर ही मिलेगी अनुमति, अवशेषों का वैज्ञानिक निपटान अनिवार्य
कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने विभागीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “बकरीद के दौरान बेजुबान जानवरों की भलाई, सुरक्षा और राष्ट्रीय राजधानी की सार्वजनिक स्वच्छता (Public Hygiene) सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए, पशुओं की कुर्बानी की अनुमति केवल और केवल सरकार द्वारा अधिकृत और पहले से निर्धारित साफ-सुथरे स्थानों पर ही दी जानी चाहिए।” उन्होंने भावुक और कड़े सुर में कहा कि जानवरों की सुरक्षा करना न केवल हमारी एक कानूनी ज़िम्मेदारी है, बल्कि यह हमारा सांस्कृतिक और नैतिक कर्तव्य भी है।
उन्होंने पुलिस और स्थानीय नगर निगम (MCD) को निर्देश दिया कि खुले सार्वजनिक स्थानों पर जानवरों की अवैध खरीद-बिक्री और हाट लगाने की शिकायतों पर बिना कोई वक्त गंवाए तत्काल एक्शन लिया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संबंधी निर्देश देते हुए कहा कि कुर्बानी के बाद निकलने वाले पशुओं के अवशेषों और गंदगी का निपटान निर्धारित कड़े पर्यावरण व सुरक्षा मानकों के अनुसार ही किया जाना चाहिए, जिसके लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग आपस में तालमेल बिठाकर चौबीसों घंटे समन्वित निगरानी (Monitored Vigilance) रखेंगे ताकि महामारी जैसी स्थिति न फैले।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad