Indore Water Crisis: इंदौर में जल संकट पर भोपाल तक मची खलबली; एसीएस अनुपम राजन पहुंचे, महापौर ने मांगा ₹50 करोड़ का फंड

मध्य प्रदेश

इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में इस साल गर्मी के सीजन में जलप्रदाय (Water Supply) और पानी की भारी किल्लत से निपटने के लिए जो ठोस कार्ययोजना अप्रैल महीने से पहले बन जानी चाहिए थी, वह अब मई के बिल्कुल आखिरी सप्ताह में बनाई जा रही है। पिछले कुछ दिनों से इंदौर के विभिन्न वार्डों में जल संकट को लेकर जनता के बीच भारी शोर मचा हुआ है। हालात तब और गंभीर हो गए जब सत्तापक्ष (भाजपा) के ही स्थानीय विधायकों ने पानी की सुस्त सप्लाई को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की। जनप्रतिनिधियों के इस कड़े रुख के बाद इंदौर के पानी की गूंज राजधानी भोपाल में बैठे आला अधिकारियों के कानों तक भी पहुंच गई।

🏛️ रेसीडेंसी कोठी में एसीएस अनुपम राजन की हाई-लेवल बैठक: सूखे बोरिंग और नर्मदा जल प्रबंधन पर हुई मैराथन चर्चा

इंदौर के इसी गंभीर मुद्दे पर त्वरित एक्शन लेते हुए गुरुवार को राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) अनुपम राजन जल संकट के एक सूत्रीय एजेंडे पर जमीनी हकीकत जानने विशेष रूप से इंदौर पहुंचे। उन्होंने रेसीडेंसी कोठी में इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, स्थानीय सांसद और सभी विधायकों के साथ एक हाई-लेवल इमरजेंसी बैठक की। इस मैराथन बैठक के दौरान शहर के विभिन्न कोनों में दम तोड़ चुके सूखे बोरिंगों को दोबारा चालू करने और नर्मदा जल की दैनिक आपूर्ति में आ रही तकनीकी व प्रबंधन संबंधी दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं से अवगत कराते हुए कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक सुझाव भी दिए।

💰 जल संकट के निवारण के लिए महापौर और सांसद ने मांगा ₹50 करोड़ का विशेष फंड: सभी विधायकों ने एक सुर में भरी हामी

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों और नगर निगम के अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि वर्तमान में जल संकट के त्वरित निवारण और टैंकर व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए निगम को तत्काल भारी-भरकम बजट और पैसों की सख्त जरूरत है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महापौर और सांसद ने संयुक्त रूप से एसीएस अनुपम राजन के माध्यम से राज्य शासन से ₹50 करोड़ का विशेष आपातकालीन फंड (Emergency Fund) देने की पुरजोर मांग की। बैठक में मौजूद अन्य सभी विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों ने भी इस वित्तीय मांग पर एक सुर में हामी भरी। एसीएस ने प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए भोपाल स्तर से हरसंभव वित्तीय और तकनीकी मदद जल्द से जल्द मुहैया कराने का ठोस आश्वासन दिया है।

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