पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आज बुधवार को ऐलान किया कि वह भवानीपुर विधानसभा सीट अपने पास रखेंगे और नंदीग्राम सीट छोड़ देंगे. उन्होंने पिछले दिनों संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में कोलकाता की भवानीपुर सीट के साथ-साथ नंदीग्राम सीट से जीत हासिल की थी, लेकिन उन्होंने आज राज्य विधानसभा में भवानीपुर से विधायक के तौर पर शपथ ले ली. भवानीपुर सीट बरकरार रखने की बात करते हुए सीएम अधिकारी ने कहा, “नंदीग्राम सीट से अब कोई और विधायक चुना जाएगा, लेकिन मैं वहां के लोगों को अपनी गैरमौजूदगी महसूस नहीं होने दूंगा.”
🤝 नंदीग्राम के लोगों से विकास का वादा: ‘अतीत की तरह रहूंगा साथ’
उन्होंने कहा, “मैं नंदीग्राम क्षेत्र के लोगों से किए गए विकास के सभी वादे पूरे करूंगा, ठीक वैसे ही जैसे मैं राज्य के अन्य क्षेत्रों के लोगों के लिए करूंगा.” नंदीग्राम से फिरोजा बीबी के 2009-2016 के कार्यकाल का जिक्र करते हुए सुवेंदु ने कहा कि जिस तरह उन्होंने तब बिना विधायक रहे वहां के लोगों को अपना पूरा समर्थन दिया था, इस बार भी वह वैसी ही भूमिका निभाएंगे और क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने देंगे.
📊 चुनावी मुकाबला: भवानीपुर और नंदीग्राम में जीत का अंतर
पिछले दिनों पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के गढ़ कहे जाने वाले भवानीपुर सीट पर उन्हें 15,105 वोटों के अंतर से हराकर एक कड़े मुकाबले में जीत हासिल की थी. वहीं, नंदीग्राम में उन्होंने बेहद करीबी और दिलचस्प मुकाबले में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पवित्र कर को 9,665 मतों से हराकर अपनी पकड़ साबित की थी. दो सीटों पर जीत के बाद संवैधानिक नियमों के तहत उन्हें एक सीट छोड़नी थी.
📜 विधानसभा में विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह
इस बीच सीएम सुवेंदु समेत पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित विधायकों ने आज विधानसभा में पद की शपथ ली. विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने उन्हें शपथ दिलायी. नई सरकार में नवनियुक्त राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निशीथ प्रामाणिक भी 294 सदस्यीय विधानसभा में विधायक के रूप में शपथ लेने वालों में शामिल थे.
🙏 विधानसभा में मुख्यमंत्री का सम्मान और परंपरा
शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के रूप में विधानसभा में पहले दिन बी आर आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की. साथ ही परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. मुख्यमंत्री ने सदन के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए प्रवेश करने से पहले विधानसभा के प्रवेश द्वार पर माथा टेका. इसके बाद उन्होंने मंत्रियों और विधायकों के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
