इंदौर। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और मध्य पूर्व तनाव के कारण इस सप्ताह के ज्यादातर कारोबार में सोने-चांदी में मजबूती देखने को मिली। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा मार्केट में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिवस शुक्रवार को देर रात निवेशकों की मुनाफावसूली की बिकवाली का दबाव भी बढ़ा। इससे सप्ताह के अंत मं दोनों धातुओं का वायदा घटकर बंद हुआ।
कामेक्स पर शुक्रवार देर रात सोना वायदा 10 डालर घटकर 4715 डालर प्रति औंस और चांदी वायदा 42 डालर घटकर 80.27 डालर प्रति औंस पर बंद हुई। इसका भारतीय बाजारों पर भी असर देखा गया।
शनिवार को इंदौर सराफा बाजार में सोना केडबरी 500 रुपये टूटकर 151500 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी चरौसा 800 रुपये घटकर 250000 रुपये प्रति किलो रह गई। इंदौर सराफा बाजार में वैवाहिक सीजन वालों की आवश्यकता पूर्ति हेतु खरीदारी सीमित रूप से बनी हुई है।
दूसरी ओर रूस के केंद्रीय बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में रूस का सोने का भंडार बढ़कर 337.52 डालर अरब हो गया। केंद्रीय बैंक ने बताया कि अप्रैल में आधिकारिक आरक्षित संपत्तियां 758.7 डालर अरब तक पहुंच गईं, जो मार्च में 749.0 अरब डालरब थीं।
केंद्रीय बैंक ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि अप्रैल के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 391.732 अरब डालर रहा, जबकि मार्च में यह 386.0 अरब था। अप्रैल के अंत तक कुल विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि 421.157 अरब डालर रही, जो पिछले महीने के 415.0 अरब डालर से अधिक है।
सोना केडबरी रवा नकद में 151500, सोना आरटीजीएस में 150400 (जीएसटी अतिरिक्त), सोना 22 कैरेट 137850 रुपये प्रति दस ग्राम (जीएसटी अतिरिक्त) है।
शुक्रवार को सोना 152000 रुपये पर बंद हुआ। चांदी चौरसा 250000, चांदी आरटीजीएस 259000 चांदी टंच 251300 रुपये प्रति किलो और चांदी सिक्का 2650 रु. प्रति नग बिका। शुक्रवार को चांदी 250800 रु. पर बंद हुई थी।
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