Haryana Government: 1 करोड़ से अधिक के खर्च पर मंत्री की मंजूरी अनिवार्य; अनिल विज के अधिकारियों को सख्त निर्देश

हरियाणा

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अपने विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि एक करोड़ रुपये से अधिक के किसी भी वित्तीय प्रस्ताव या निर्णय के लिए अब सीधे मंत्री स्तर से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सुरक्षित और “काउंटर-चेकिंग” आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

यह फैसला हरियाणा सचिवालय में हाल ही में सामने आए एक संवेदनशील मामले के बाद लिया गया है। हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के कर्मचारी बलवंत सिंह द्वारा आत्महत्या किए जाने से प्रशासनिक तंत्र में चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, 45 वर्षीय बलवंत सिंह को सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने आत्महत्या कर ली।बलवंत सिंह झज्जर जिले के मुंडाहेड़ा गांव के निवासी थे और अपने परिवार—पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे—के साथ पंचकूला के पास बलटाना में रह रहे थे। घटना के बाद उनकी पत्नी की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें एचपीजीसीएल के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अमित दीवान, आशीष गोगिया और राजेश शामिल हैं, जो पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय में तैनात थे। आरोप है कि इन तीनों ने बलवंत को आत्महत्या के लिए उकसाया।

गौरतलब है कि अमित दीवान पहले से ही आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े सरकारी खातों में लगभग 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अनिल विज ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब विभागों में वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry