चंडीगढ़: चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में नया एकेडमिक सेशन शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है पर नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अभी भी NCERT की नई किताबों का इंतजार है। सबसे अधिक परेशानी नौवीं कक्षा के बदले हुए सिलेबस के कारण आ रही है जिस कारण स्कूलों में पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किताबों की कमी के कारण अध्यापक पुराने नोट्स और रेफरेंस मटीरियल की मदद से बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर हैं।
छुट्टियों के दौरान होमवर्क की चिंता
शहर के स्कूलों में 23 मई से 30 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहने वाली हैं। पेरेंट्स और स्टूडेंट्स को डर है कि अगर छुट्टियां शुरू होने तक किताबें नहीं मिलीं, तो ‘हॉलिडे होमवर्क’ कैसे पूरा होगा।
शिक्षा विभाग और NCERT का पक्ष
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन नीतीश सिंगला के मुताबिक, जैसे-जैसे NCERT से किबातें प्राप्त हो रही हैं वह स्कूलों को मुहैया करवाई जा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सभी सब्जेक्ट्स की सप्लाई नॉर्मल हो जाएगी। दूसरी ओर NCERT का कहना है कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 पर आधारित नई पाठ्य-पुस्तकों की भारी मांग के कारण सप्लाई और डिमांड में कुछ समय के लिए गैप आया है। हालांकि किताबों की प्रिंटिंग युद्ध स्तर पर की जा रही है और स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है।
डिजिटल ऑप्शन उपलब्ध
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए NCERT ने दो हफ्ते पहले अपनी वेबसाइट पर क्लास नौवीं की नई किताबों के डिजिटल वर्शन मुफ्त में उपलब्ध करा दिए हैं। इसके अलावा नई दिल्ली में NCERT हेडक्वार्टर का सेल्स काउंटर वीकेंड पर भी खुला रखा जा रहा है ताकि पेरेंट्स और स्टूडेंट्स वहां से किताबें ले सकें।
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