देवघर: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिले के अस्पतालों को तेजी से डिजिटल किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत सदर अस्पताल देवघर से हो चुकी है. अस्पताल के ओपीडी, जांच, लैबोरेट्री और फार्मेसी विभागों में डिजिटलीकरण की प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए सभी विभागों को कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है, जिससे मरीजों को बेहतर और तेज सेवा मिल सके.
डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद मरीजों को लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही, डॉक्टर को बार-बार प्रिस्क्रिप्शन दिखाने की भी आवश्यकता कम हो जाएगी, क्योंकि मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा. अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ शरद कुमार के अनुसार यह व्यवस्था केवल सदर अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिले के ग्रामीण और प्रखंड स्तर के सीएचसी और पीएचसी में भी धीरे-धीरे लागू की जाएगी.
लोगों को इस मिशन के बारे में जागरूक करने का काम भी साथ-साथ चल रहा है. मरीजों ने भी इस पहल का स्वागत किया है. उनका कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने से राहत मिलेगी और प्रिस्क्रिप्शन खोने की समस्या भी खत्म हो जाएगी. हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि डिजिटल सिस्टम के साथ-साथ मरीजों को मोबाइल और कंप्यूटर के उपयोग के लिए जागरूक करना जरूरी है.
वहीं, देवघर के सिविल सर्जन डॉ रमेश कुमार ने बताया कि इस सिस्टम के जरिए अस्पताल में आने वाले हर मरीज का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे इलाज और अधिक सटीक और प्रभावी हो सकेगा. डिजिटलीकरण के बाद टेलीमेडिसिन, एआई आधारित इलाज और ई-फार्मेसी जैसी सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad