जम्मू: जम्मू और श्रीनगर के बीच पहली सीधी ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ की शुरुआत के साथ ही कश्मीर घाटी की रेल कनेक्टिविटी एक नए युग में प्रवेश कर गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 20 कोच वाली इस आधुनिक वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं
यह प्रोजेक्ट लंबे समय से प्रतीक्षित था, जो अब हकीकत में बदल चुका है:
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दूरी और रूट: यह ट्रेन जम्मू तवी से श्रीनगर तक लगभग 267 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण पहाड़ी दूरी को तय करेगी।
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क्षमता: इसमें 20 कोच वाली आधुनिक सुविधाएं हैं, जो पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनी हैं।
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समय और संचालन: यह सेवा 2 मई 2026 से नियमित रूप से शुरू होगी।
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शेड्यूल: यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलेगी, जबकि मंगलवार को इसका संचालन नहीं होगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और प्रोजेक्ट लागत
यह रेल परियोजना न केवल इंजीनियरिंग का चमत्कार है, बल्कि एक विशाल निवेश का परिणाम भी है:
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कुल बजट: इस पूरे रेल प्रोजेक्ट पर लगभग 43,780 करोड़ रुपये की भारी लागत आई है।
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विकास क्रम: इस रेल प्रोजेक्ट की नींव 90 के दशक में रखी गई थी। कश्मीर घाटी में पहली ट्रेन साल 2008 में चली थी। इसके बाद जून 2025 में कटरा से श्रीनगर तक ट्रेन सेवा शुरू हुई, और अब इसे जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक विस्तार दिया गया है।
पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
जम्मू तवी से श्रीनगर तक सीधी वंदे भारत सेवा शुरू होने से स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था में उछाल आने की पूरी उम्मीद है। पहाड़ों और दुर्गम रास्तों से गुजरने वाली यह ट्रेन न केवल यात्रियों का समय बचाएगी, बल्कि उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं भी प्रदान करेगी।
वरिष्ठ विभागीय वाणिज्यिक प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि ट्रायल सफल रहा है और यह ट्रेन जम्मू से श्रीनगर के बीच की यात्रा को न केवल तेज बनाएगी, बल्कि पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव भी साबित होगी।
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