Dantewada News: दंतेवाड़ा में कबाड़ बन गए लाखों के ‘वाटर एटीएम’, रखरखाव के अभाव में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग

छत्तीसगढ़

दंतेवाड़ा: वाटर एटीएम योजना के तहत शहर के प्रमुख स्थानों पर लाखों रुपये की लागत से एटीएम लगाए गए. ताकि राहगीरों, मजदूरों और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को आसानी से ठंडा पानी मिल सके. शुरुआत में यह योजना प्रभावी और जनहितकारी नजर आई लेकिन सही क्रियान्वयन नहीं होने से निराशाजनक रही.

लाखों के वाटर एटीएम में नहीं मिल रहा पानी

दंतेवाड़ा जिले में कुल 6 वाटर एटीएम स्थापित किए गए थे, जिनमें से वर्तमान में केवल 2 ही चालू हालत में हैं. बाकी 4 एटीएम वर्षों से बंद पड़े हैं और धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं. लाखों रुपये की लागत से तैयार की गई यह परियोजना अब अपनी उपयोगिता खोती नजर आ रही है.

कबाड़ में बदले वाटर एटीएम

भीषण गर्मी को देखते हुए ईटीवी भारत की टीम जब शहर में इन वाटर एटीएम की स्थिति का जायजा लेने पहुंची, तो तस्वीर बेहद चिंताजनक मिली. कई स्थानों पर लगाए गए वाटर एटीएम या तो पूरी तरह बंद पड़े हैं या फिर रखरखाव के अभाव में कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं. कहीं मशीनों पर धूल जमी है, तो कहीं आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है. कई जगहों पर तो इन एटीएम के ऊपर छाया के लिए शेड तक नहीं बनाया गया, जिससे तेज धूप और बारिश में मशीनें खराब हो रही हैं.

वाटर एटीएम योजना में गंभीर लापरवाही

सबसे हैरानी की बात यह है कि कई वाटर एटीएम ऐसे स्थानों पर लगाए गए हैं जहां लोगों का आना-जाना बेहद कम है. दुर्गा चौक में लगा एटीएम ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया है, जहां दिनभर में गिने-चुने लोग ही पहुंचते हैं. इसी तरह बैंक चौक में लगा वाटर एटीएम भी रखरखाव के अभाव में निष्क्रिय हो चुका है. वहीं बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में लगाए गए वाटर एटीएम को हटाकर वहां दुकान खोल दी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती गई है.

पानी की बोटल खरीदकर लोग बुझा रहे प्यास

ग्रामीण क्षेत्रों से शहर में आने वाले लोगों की स्थिति और भी दयनीय है. उन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं है कि शहर में वाटर एटीएम की सुविधा उपलब्ध है. उचित प्रचार-प्रसार के अभाव में यह योजना आम जनता तक पहुंच ही नहीं पाई है. मजबूरी में लोगों को बाजार से महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है, जो उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन वाटर एटीएम का सही स्थानों पर चयन किया जाता और नियमित रूप से उनकी देखरेख होती, तो यह योजना लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती थी. लेकिन अब यह सिर्फ एक अधूरी और असफल पहल बनकर रह गई है.

भीषण गर्मी में प्याऊ की भी ठीक से व्यवस्था नहीं

नगर पालिका द्वारा शहर में जगह-जगह प्याऊ खोलने का भी दावा किया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश प्याऊ या तो बंद पड़े हैं या उनमें पानी की व्यवस्था नहीं है. कई जगहों पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं होता जो राहगीरों को पानी पिला सके. नतीजतन, लोग प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं.

इस पूरे मामले ने नगरीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक ओर प्रशासन गर्मी में लोगों को राहत देने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई दे रहा है. योजना बनाने से लेकर उसके क्रियान्वयन और रखरखाव तक हर स्तर पर लापरवाही उजागर हो रही है.

नगर पालिका अध्यक्ष का दावा

पूरे मामले को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता ने भी मीडिया से इस मामले में जानकारी मिलने की बात कही. उन्होंने कहा कि वाटर एटीएम लगाने वाली संबंधित कंपनियों से बात कर दोबारा उन्हें चालू करवाया जाएगा. साथ ही ये भी कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए जल्द से जल्द चौक चौराहे पर पीने के पानी की व्यवस्था कराई जाएगी.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry