Bastar News: इंद्रावती नदी का सीना चीरकर बनाई अवैध सड़क, बस्तर में रेत तस्करी का नेटवर्क सक्रिय

छत्तीसगढ़

बीजापुर. जिले में नक्सल प्रभाव कम होते ही अब अवैध रेत तस्करी का नेटवर्क तेजी से सक्रिय होता नजर आ रहा है. रेत माफिया और तस्करों ने इंद्रावती नदी में ही 200 मीटर लंभी अस्थायी सड़क बना दी है. जिससे तस्करी का रास्ता तैयार किया गया है. यह निर्माण बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के किए जाने का आरोप है. मामला भोपालपटनम ब्लॉक का है.

नदी के प्रवाह को मोड़ने की कोशिश

ग्रामीणों के अनुसार अटटूकपल्ली पंचायत के कोंडामौसम गांव में नदी के बीच मुरूम और रेत डालकर सड़क बनाई गई है. जिससे स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ गई है. साथ ही पाइप पुलिया लगाकर नदी के पानी का प्रवाह मोड़ दिया गया, ताकि रेत निकालने और वाहनों की आवाजाही में आसानी हो सके. इस पूरे मामले में तेलंगाना के कुछ ठेकेदारों की संलिप्तता भी सामने आ रही है, जिससे यह गतिविधि संगठित रूप लेती दिख रही है.

बिना ग्रामसभा अनुमति के निर्माण

गांव के लोगों ने सरपंच और सचिव पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि बिना ग्रामसभा की अनुमति और बिना किसी सूचना के यह निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया. पंच मोडेम गणपत ने बताया कि सिर्फ औपचारिक रूप से नारियल फोड़कर काम शुरू कर दिया गया, जबकि ग्रामीणों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई. विरोध करने पर भी उनकी बात अनसुनी कर दी गई.

इस विषय पर गांव में कोई बैठक नहीं हुई और न ही किसी से अनुमति ली गई. सड़क निर्माण यालम शिवेया, दूबा तुलसीराम और दूबा नागेय की जमीन से होकर किया गया, लेकिन जमीन मालिकों को भी पूर्व सूचना नहीं दी गई.- ग्रामीण तलाड़ी इरैया

पर्यावरण को खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार इंद्रावती नदी के प्रवाह को रोककर पाइप के जरिए दिशा बदलना गंभीर पर्यावरणीय खतरा है. इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप, जलस्तर और आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. ग्रामीणों ने पंचायत सचिव रवि दुर्गम पर पहले भी तालाब निर्माण में गड़बड़ी और गबन के आरोप लगाए थे, और अब इस मामले में भी उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.

रेत खदान स्वीकृत है लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं

कोंडामौसम की रेत खदान पंचायत को स्वीकृत है, लेकिन उसकी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. इसके बावजूद नदी में सड़क बनाकर तस्करी शुरू कर देना नियमों की खुली अनदेखी को दर्शाता है. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यशवंत नाग ने कहा कि उन्हें पहले इस मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन सूचना मिलते ही जांच के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर अवैध सड़क को हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर चुकी है.

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