Janakpur Health Center: 100 बेड का दावा निकला हवा-हवाई! 83 पंचायतों की जान राम भरोसे, सिर्फ 3 डॉक्टरों के कंधे पर अस्पताल की जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: जिला मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर वनांचल क्षेत्र में जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है. जहां दूर दूर से लोग इलाज कराने आते हैं. अस्पताल में सिर्फ 3 डॉक्टर है, जिन पर 83 पंचायतों के लोगों के इलाज के जिम्मेदारी है. मरीजों के बढ़ते दबाव के बीच साल 2024 में इसे 100 बेड अस्पताल बनाने की घोषणा की गई. लेकिन अब भी अस्पताल में सिर्फ 74 बेड ही संचालित है.

सुविधाएं कागजों में पूरी, जमीन पर अधूरी

अस्पताल प्रशासन के अनुसार कम सुविधा में मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश की जा रही है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे ओपीडी, ऑपरेशन, डिलीवरी और एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं.

डॉक्टर आते हैं, सिस्टर भी आती हैं, मैं 7 दिन से भर्ती हूं, रोज डॉक्टर देखने आते हैं-मुकेश, मरीज

डॉक्टर राउंड में आते हैं, इलाज से अब मैं ठीक हो गया हूं. अच्छा इलाज हुआ तभी तो ठीक हुआ हूं- रामवतार, मरीज, ग्राम पंचायत अक्त्वर

बीएमओ ने माना अस्पताल में स्टाफ की कमी

हालांकि अस्पताल प्रशासन ने माना कि डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी के चलते सुविधाओं का पूरा लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है. जनकपुर बीएमओ डॉ. राजीव कुमार रमन ने बताया कि अस्पताल में 24 घंटे ओपीडी, केजुअलटी, ऑपरेशन और डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है. बीएमओ ने माना कि अस्पताल में सिर्फ 3 डॉक्टर है लेकिन मरीजों को सेवा देने की पूरी कोशिश की जा रही है.

बीएमओ ने ये भी कहा कि जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दूरस्थ और कठिन क्षेत्र में होने के कारण स्टाफ की कमी से जूझ रहा है. डॉक्टरों को मिलने वाली सीआरएमसी (CRMC) राशि पिछले एक साल से नहीं मिली है. उन्होंने ये भी कहा कि 100 बेड का सेटअप लागू हो चुका है, उस पर काम चल रहा है.

कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अंकुर प्रताप सिंह ने 100 बेड अस्पताल की घोषणा के बाद भी 74 बेड संचालन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 100 बेड सिर्फ नाम का है. तीन डॉक्टरों के सहारे इतनी बड़ी व्यवस्था चलाने की कोशिश की जा रहा है. अस्पताल की बदतर हालत है. कांग्रेस नेता ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इस जिले से आते हैं, इस अस्पताल पर 83 पंचायत के लोग आश्रित है. उन्होंने आरोप लगाया कि जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल 20 बेड के अस्पताल से भी बदतर स्थिति में है.

जल्द डॉक्टरों की भर्ती का दावा

वहीं कांग्रेस के आरोपों पर विधायक प्रतिनिधि निलेश मिश्रा ने जवाब दिया. उन्होंने माना कि जनकपुर में डॉक्टरों की कमी वास्तविक समस्या है. बीजेपी नेता ने बताया कि इस मुद्दे पर विधायक रेणुका सिंह से चर्चा हुई है. जल्द ही काउंसलिंग के बाद डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी.

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