Asha Bhosle Funeral : अंतिम विदाई में उमड़ा सैलाब, मनपसंदीदा फूलों से सजे रथ पर निकलीं Asha ताई की यात्रा

मनोरंजन

Asha Bhosle Funeral : सुरों की मल्लिका और भारतीय संगीत जगत की अनमोल धरोहर, आशा भोसले की अंतिम विदाई का दृश्य वैसा ही है जैसा उनका जीवन—भव्य, गरिमामय और प्रेम से सराबोर। जब संगीत के एक युग का अंत हुआ, तो मानो पूरा देश थम गया। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का गवाह हैं कि वे केवल एक गायिका नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कन थीं।

फूलों से सजा अंतिम सफर

आशा ताई को फूलों से बेहद लगाव था, और उनके इसी प्रेम को सम्मान देते हुए उनके पार्थिव शरीर को एक विशेष रथ पर रखा गया था। उनके रथ के उनके ही पसंदीदा फूलों से सजाया गया। फूलों की महक और प्रशंसकों की आंखों में आंसू के बीच, सुरों की रानी अपनी आखिरी यात्रा पर निकलीं। सफेद फूलों से ढका वह रथ शांति और सादगी का प्रतीक लग रहा था, जो आशा जी के व्यक्तित्व की भी पहचान थी। उनके निवास स्थान से लेकर श्मशान घाट तक का रास्ता फूलों की पंखुड़ियों से पट गया था।

फिल्मी हस्तियों और दिग्गजों का जमावड़ा

आशा भोसले के अंतिम दर्शन के लिए बॉलीवुड के दिग्गजों से लेकर राजनीति और खेल जगत की हस्तियां पहुंचीं। उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर के जाने के बाद, आशा जी ही मंगेशकर परिवार का मुख्य स्तंभ थीं।

 फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेताओं, निर्देशकों और संगीतकारों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। हर किसी ने एक ही बात कही कि संगीत की दुनिया में जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।

प्रशासन की ओर से भी उन्हें पूरे सम्मान के साथ विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटी उनकी देह को देखकर हर हिंदुस्तानी का सिर गर्व और गम से झुक गया।

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