सोनीपत: सोनीपत नई अनाज मंडी में इन दिनों किसानों की परेशानियां चरम पर हैं. हालात ऐसे हैं कि एक किसान टूटा हुआ पैर लेकर अपनी फसल बेचने के लिए मंडी पहुंचा. ऐसे माहौल पर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है.
बायोमेट्रिक सिस्टम बना किसानों के लिए मुसीबत: वहीं, टूटे पैर लिए मंडी पहुंचे किसान ने सरकार की नई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि, “पहले रजिस्ट्रेशन सिस्टम में परिवार का कोई भी सदस्य फसल लेकर आ सकता था, लेकिन अब बायोमेट्रिक सिस्टम के कारण खुद किसान का मौजूद होना जरूरी कर दिया गया है. इस नई व्यवस्था ने खासकर बुजुर्ग और बीमार किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं.”
खरीद प्रक्रिया ठप होने से किसानों में रोष: वहीं, मंडी में पहुंचे अर्जुन चौटाला ने भी किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि, “पिछले दो दिनों से खरीद प्रक्रिया बंद है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है.” वहीं, किसानों का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है.
नमी के नाम पर कटौती का आरोप: किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी फसल में नमी बताकर कटौती की जा रही है. इससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है. एक किसान ने कहा कि, “हम पहले ही परेशान हैं, ऊपर से नमी के नाम पर कटौती करके हमारी कमाई और घटाई जा रही है.”
विपक्ष का सरकार पर हमला: अर्जुन चौटाला ने सरकार पर मंडियों को निजी हाथों में सौंपने की साजिश का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि, “सरकार बड़े उद्योग घरानों को मंडियों की कमान देना चाहती है, जिससे किसानों का शोषण होगा.”
राज्यसभा चुनाव पर भी साधा निशाना: राज्यसभा चुनाव को लेकर भी चौटाला ने कांग्रेस और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि, “पांच नहीं बल्कि नौ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है. हुड्डा को सब पता है, लेकिन वह अपने करीबियों को बचा रहे हैं.”
बता दें कि सोनीपत मंडी का यह मामला अब सिर्फ स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्यभर में किसानों की स्थिति का प्रतीक बन गया है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह मुद्दा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक रूप ले सकता है.
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