कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात के लोगों को लेकर दिए अपने बयान पर माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में हमेश सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा. वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था.
रविवार को केरल के इडुक्की जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा था कि राज्य के लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं और गुजरात के अनपढ़ लोगों के विपरीत उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता. उनके इस बयान पर बीजेपी ने निशाना साधा था.
‘क्या राहुल बयान से सहमत हैं’
बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि क्या राहुल गांधी खरगे के इस बयान से सहमत हैं. अगर राहुल गांधी में ज़रा भी समझ है, तो उन्हें इस टिप्पणी से खुद को अलग कर लेना चाहिए, इसकी निंदा करनी चाहिए और माफ़ी की मांग करनी चाहिए.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जिस पद पर वे आज हैं, उस पर कभी जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आज़ाद, सोनिया गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और यहां तक कि राहुल गांधी जैसे नेता भी रह चुके हैं. ऐसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा किस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है? खरगे की यह टिप्पणी न केवल अपमानजनक है, बल्कि बेशर्मी भरी और बेहद निंदनीय भी है.
सफाई में क्या बोले खरगे
विवाद बढ़ता देख खरगे ने बुधवार को माफी मांगी. उन्होंने कहा कि हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. फिर भी, मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं. गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में हमेश सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा. वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
