नवांशहर : जिला मैजिस्ट्रेट अंकुरजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है कि फार्मेसी द्वारा प्रीगाबालिन दवा का वितरण केवल सक्षम डॉक्टर की सहमति के आधार पर तथा निर्धारित अवधि के लिए ही किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि फार्मेसी को इस दवा का पूरा रिकॉर्ड रखना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सिविल सर्जन ने अपने दफ्तर के पत्र नंबर ड्रग्स के माध्यम से सूचित किया है कि प्रीगाबालिन का प्रयोग आमतौर पर मैडीकल स्पैशलिस्ट/मनोचिकित्सक/जी.डी.एम.ओ. द्वारा फाइब्रोमायल्जिया/न्यूराल्जिया जैसी बीमारियों से पीड़ित रोगियों के उपचार के लिए किया जाता है। लेकिन प्रीगाबालिन की उच्च खुराक का दवा के रूप में दुरुपयोग किया जा सकता है। इसलिए, प्रीगाबालिन को फार्मेसी द्वारा केवल सक्षम डॉक्टर के अनुमोदन के आधार पर और निर्धारित समयावधि के लिए ही वितरित किया जाना चाहिए। यह आदेश 3 मई तक लागू रहेगा।
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